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पालिका के खर्च बढ़े, विकास धीमा

Sat, 13 Feb 2016 12:25 AM IST
ब्यूरो
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ललितपुर। नगर पालिका में तैनात संविदा सफाई कर्मचारियों का मानदेय शासन ने करीब पांच गुना बढ़ा दिया है, लेकिन शासन ने पालिका के बजट में बढ़ोतरी नहीं की है। ऐसे में पालिका में धन का अभाव होने के कारण शहर के विकास की गति धीमी हो गई है।
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शासनादेश के अनुसार वर्ष- 2005 में 235 पदों पर नगर पालिका में संविदा सफाई कर्मचारियों की भर्ती हुई थी। इसमें से कुछ संविदा कर्मचारियों की मृत्यु व सेवानिवृत्ति के बाद वर्तमान में 222 सफाई कर्मी कार्यरत हैं। नियुक्ति के दौरान सफाई कर्मचारियों का मानदेय 3600 रुपए प्रतिमाह था, लेकिन गत वर्ष फरवरी माह से शासन ने सफाई कर्मचारियों को न्यूनतम पे बैंड एवं न्यूनतम ग्रेड वेतन दिए जाना सुनिश्चित कर दिया है।

ऐसे में पूर्व में पालिका में तैनात संविदा सफाई कर्मचारियों को कुल 9,15,000 रुपए प्रतिमाह मानदेय दिया जाता था, जो अब बढ़कर 38,42,000 रुपए हो गया है। इस हिसाब से नगर पालिका के व्यय में 29.27 लाख रुपए प्रति माह तथा वार्षिक व्यय में 3,51,24 रुपए की बढ़ोत्तरी हो गई है।
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इसके अलावा शहर की सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए नगर पालिका आउट सोर्सिंग पर तैनात 150 सफाई कर्मचारियों से काम करा रही है, जिनको प्रतिमाह 29,27,210 रुपए मानदेय दिया जाता है। नगर पालिका के व्यय में कई गुना बढ़ोतरी हो गई है, पर शासन ने पालिका का बजट नहीं बढ़ाया है।

इस कारण पालिका के कोष में धन की कमी आ गई है और इसका असर नगर के विकास कार्यों पर पड़ रहा है। विभाग की अर्थिक तंगी के कारण ठेकेदारों ने अपने कदम पीछे हटा लिए हैं। साथ ही ठेकेदारों का करोड़ों रुपए का भुगतान पालिका पर बकाया है, जिससे ठेकेदार नया कार्य लेने से कतराने लगे हैं। इससे नगर के विकास की रफ्तार धीमी हो गई है।

आबादी बढ़ी, पर नहीं बढ़े कर्मचारियों के पद
शहर क्षेत्र की आबादी वर्तमान में 2 लाख का आंकड़ा पार कर रही है। यदि वर्ष 2011 की जनगणना की बात करें तो उस समय आबादी 1.33 लाख थी। शासन का मानक है कि दस हजार की आबादी पर 28 सफाई कर्मचारी तैनात होने चाहिए। इसके अनुसार वर्ष 2011 की जनगणना के सापेक्ष नगर में 450 सफाई कर्मी नियुक्त किए जाने चाहिए थे, लेकिन नगर पालिका में 124 स्थाई पद ही स्वीकृत हैं।

विद्यालयों में शिक्षकों को टोटा
नगर पालिका परिषद शहर में बालिका इंटर कालेज व पीएन इंटर कालेज का संचालन करती है। पूर्व में दोनों विद्यालयों को हाईस्कूल की मान्यता थी, लेकिन कुछ वर्ष पूर्व इंटरमीडिएट की मान्यता मिल गई। इंटरमीडिएट की मान्यता प्राप्त हुए भी लंबा समय बीत गया है, लेकिन विद्यालय में शिक्षकों व अन्य पदों को सृजित नहीं किया गया है।

इससे पालिका द्वारा संचालित दोनों विद्यालयों पर शिक्षकों का टोटा चल रहा है। पालिका ने इस संबध में मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा था, लेकिन शासन द्वारा अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है।

कब बढ़ेगी नगर पालिका की सीमा?
जनपद के ग्रामीण क्षेत्रों का किसान पिछले कुछ वर्षों से मजदूरी व रोजगार की तलाश में शहर की ओर तेजी से पलायन कर रहा है। ऐसे व्यक्ति शहर सीमा के बाहरी क्षेत्र में सस्ती जमीन खरीद कर बसने लगे हैं, जिससे शहर का विस्तार हो रहा है। ऐसे में क्षेत्रफल 17.53 वर्ग किमी के सापेक्ष काफी वृद्घि हो गई है।

इससे नगर सीमा पर बसे मुहल्ले नगर पालिका के क्षेत्र से बाहर होने के कारण नागरिकों को मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। नगर पालिका, जन प्रतिनिधियों व जिला प्रशासन द्वारा नगर सीमा विस्तार की मांग की गई, लेकिन मामला अधर में लटका हुआ है।

शासन द्वारा संविदा सफाई कर्मियों का मानदेय 3,600 रुपए  से बढ़ाकर करीब 15 हजार रुपए कर दिया गया है, जिससे नगर पालिका के व्यय में  करीब 30 लाख रुपए प्रतिमाह की बढ़ोत्तरी हुई है, जबकि शासन ने पालिका का  बजट नहीं बढ़ाया है।

इस संबंध में प्रमुख सचिव आलोक रंजन को ज्ञापन देकर अगले वित्त वर्ष में 6 करोड़ रुपए अतिरिक्त मदद  की मांग की जाएगी। इसके अलावा विद्यालयों में शिक्षकों, कार्यालय  में स्टाफ के रिक्त पद भरने, नए पद सृजित किए  जाने की मांग व सीमा विस्तार समेत नगर विकास से जुड़े अन्य मुद्दों पर  प्रमुख सचिव को ज्ञापन सौंपेगे।
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- सुभाष जायसवाल
नगर पालिका अध्यक्ष
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