ललितपुर। जिले के 468 परिषदीय विद्यालय आज भी विद्युत संयोजन की वाट जोह रहे हैं। इससे विद्यालयों में विद्युतीकरण पूरा नहीं हो पा रहा है।
बेसिक शिक्षा परिषद के अधीन संचालित विद्यालयों को विद्युतीकरण से पूर्ण किया जा रहा है। इसकी शुरुआत वर्ष 2008 में हुई थी। इस दौरान शिक्षा अफसरों ने विद्यालयों को चिह्नित कर उसकी सूची विद्युत विभाग को संयोजन के लिए सौंप दी थी। लेकिन, विद्युत विभाग चिह्नित 1,153 में से 685 विद्यालयों में ही संयोजन दे सका है।
र्तमान में 468 विद्यालयों को अभी भी विद्युत संयोजन की दरकार है। संयोजनविहीन विद्यालयों में विभिन्न शैक्षिक कार्यक्रम प्रभावित हो रहे हैं, साथ ही प्रकाश की भी समस्या बनी हुई है।
इस संबंध में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी एसपी यादव ने एक पत्र विद्युत विभाग के अधिशासी अभियंता को लिखा है। इसमें कहा गया कि शासन ने कुल 1,153 विद्यालयों में विद्युत संयोजन कराने के निर्देश दिए थे। विद्युत विभाग ने माह जून 2015 में 746 विद्यालयों के विद्युत देयक बिल प्राप्त कराए गए।
लेकिन, बिलों की जांच उपरांत 476 प्राथमिक एवं 209 उच्च प्राथमिक विद्यालयों में विद्युत संयोजन होने की पुष्टि हुई है। शेष विद्यालयों के बिलों में विभिन्न विसंगतियां पाई गई हैं। अवशेष 468 विद्यालयों की सूची विद्युत विभाग को भेजी जा रही है। यदि विद्यालयों में विद्युत संयोजन स्थापित करने में खंभे परिवर्तक लागत से अधिक धनराशि की आवश्यकता हो तो विद्यालयवार धनराशि का आगणन करते हुए अवगत कराएं।
यह है ब्लाकवार स्थिति
विकासखंड बार में 33 प्राथमिक विद्यालय, 18 उच्च प्राथमिक विद्यालय, जखौरा में 49 प्राथमिक विद्यालय, 32 उच्च प्राथमिक विद्यालय, तालबेहट में 47 प्राथमिक विद्यालय, 29 उच्च प्राथमिक विद्यालय, बिरधा में 55 प्राथमिक विद्यालय, 33 उच्च प्राथमिक विद्यालय, मड़ावरा में 49 प्राथमिक, उच्च प्राथमिक विद्यालय 46, महरौनी में 43 प्राथमिक, 34 उच्च प्राथमिक विद्यालय शामिल हैं। इस तरह जिले के 276 प्राथमिक विद्यालय एवं 192 उच्च प्राथमिक विद्यालय में विद्युत का संयोजन नहीं हो सका है।
हाथ पर हाथ रखे बैठे कंप्यूटर अनुदेशक
विभिन्न विद्यालयों में विद्युत संयोजन के अभाव में कंप्यूटर अनुदेशकों के पास काम ही नहीं बचा है। ऐसे अनुदेशक सामान्य शिक्षक बनकर रह गए हैं।