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कुपोषित बच्चों की संख्या में सुधार

Mon, 30 Nov 2015 12:31 AM IST
ब्यूरो
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ललितपुर। मुख्य चिकित्साधिकारी ने गोद लिए गांव का निरीक्षण किया। इस दौरान आंगनबाड़ी कार्यकत्री सूचना देने के बाद भी मौके पर नहीं मिलीं, जबकि एक आंगनबाड़ी कार्यकत्री का मोबाइल स्विच आफ था। ग्राम पंचायत अधिकारी भी मौजूद नहीं पाए गए। हालांकि, गांव में कुपोषित बच्चों की संख्या में सुधार हुआ है।
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ग्राम पूरा विरधा में आयोजित ग्राम स्वास्थ्य और पोषण दिवस (वीएचएनडी) पर मुख्य चिकित्साधिकारी डा. सत्येंद्र कुमार ने निरीक्षण किया। सत्र स्थल पर एएनएम रामजानकी, आंगनबाड़ी कार्यकत्री रेखा पंथी,  कल्पना जैन और आशा कार्यकत्री शशिदेवी मौजूद पाई गईं। आंगनबाड़ी कार्यकत्री सुजीता व दर्शना को एएनएम व प्रभारी चिकित्सा अधिकारी द्वारा सूचित किए जाने के बावजूद अनुपस्थित पाई गईं। मोबाइल से फोन किया तो कार्यकत्री सुजीता को मोबाइल फोन बंद पाया गया।

आंगनबाड़ी कार्यकत्री की अनुपस्थिति के कारण राज्य पोषण मिशन द्वारा भरे जाने वाले प्रारूप को पूर्ण नहीं किया जा सका। वहीं, ग्राम पंचायत अधिकारी भी मौजूद नहीं पाए गए। गांव में कोई सफाई कर्मचारी तैनात नहीं पाया गया है। एएनएम रामजानकी उपकेंद्र पर निवास करती हैं।
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आशा कार्यकत्री के पास ड्यूलिस्ट मौजूद थी, जिसके अनुसार आठ बच्चों व चार गर्भवती माताओं का टीकाकरण किया जाना था। इसमें 5 बच्चों और 4 गर्भवती माताओं का टीकाकरण किया जा चुका था, जबकि 3 बच्चों का टीकाकरण शेष था।

वहीं, गांव में कुपोषित बच्चों की संख्या में गिरावट पायी गई है। माह दिसंबर 2014 के सापेक्ष आंगनबाड़ी केंद्रों पर 21 बच्चों में से 6 बच्चों की स्थिति में सुधार हुआ है। पीली श्रेणी के 15 बच्चों में सुधार पाया गया। पोषाहार वितरण और अन्य सुविधाएं प्राप्त होने के कारण जनवरी 2015 के पश्चात मात्र 14 बच्चों की लाल श्रेणी व सात बच्चों की पीली श्रेणी में वृद्धि हुई है।

इस दौरान पता चला कि आंगनबाड़ियों के पास किसी प्रकार का पोषाहार व हॉटकुक उपलब्ध नहीं है। एएनएम को निर्देशित किया कि पांच हजार की आबादी वाले इस ग्राम में दो और आशाओं का ग्राम सभा से प्रस्ताव पारित कराकर भिजवाएं।

बिना बिजली और पानी का स्वास्थ्य केंद्र
मुख्य चिकित्साधिकारी डा. सत्येंद्र कुमार ने नया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ग्राम पूरा विरधा का निरीक्षण किया गया। इस दौरान उन्होंने पाया कि स्वास्थ्य केंद्र में बिजली का कनेक्शन नहीं है व पानी का संयोजन भी नहीं है। इससे स्टाफ को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

निरीक्षण के दौरान मेडिसिन पंजिका, ओपीडी पंजिका, मेडिसिन सब स्टॉक पंजिका व औषधी एक्सपायरी पंजिका पूर्ण पायी गई। इंडोर पंजिका में पाया गया कि इस माह सात रोगियों को भर्ती किया गया और ओपीडी में 46 रोगियों का इलाज किया गया। दोनों स्टॉफ नर्सों द्वारा अपनी तैनाती के उपरांत जुलाई से  अब तक कुल 60 प्रसव किए गए हैं। फार्मासिस्ट द्वारा बताया गया कि नई चादर, कंबल तथा दो डिलीवरी टेबल की आवश्यकता है।

इस पर सीएमओ ने व्यवस्था कराने का आश्वासन दिया। वहीं, चिकित्सा अधीक्षक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तालबेहट को विद्युत कनेक्शन होने तक गैस लाइट की व्यवस्था कराए जाने के निर्देश दिए। इस दौरान फार्मासिस्ट गुलरेज अहमद, स्टॉफ नर्स आंकाक्षा नगाइच, आरती परिहार तथा प्रेम कुमार आदि उपस्थित रहे।

तीन माह से अनुपस्थित दंत चिकित्सक
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तालबेहट के निरीक्षण के दौरान दंत चिकित्सक डा. घनश्याम के अलावा सभी चिकित्सकों की उपस्थिति दर्ज पाई गई। डा. घनश्याम सिंह 11 व 12 अगस्त का आकस्मिक अवकाश का प्रार्थना पत्र देकर गए थे और तभी से लगातार अनुपस्थित चल रहे हैं।

इस पर सीएमओ ने चिकित्सा अधीक्षक को निर्देशित किया कि भविष्य में अनाधिकृत रूप से लंबे समय तक अनुपस्थित अधिकारी अथवा कर्मचारी की सूचना मुख्यालय भेजी जाए। संविदा स्टॉफ में केयर टेकर संध्या एनआरसी में अनुपस्थित पायी गईं। अन्य कर्मचारी निर्वाचन ड्यूटी पर थे। चिकित्सा अधीक्षक ने बताया कि निर्वाचन में पिछली बार की अपेक्षा अधिक कर्मचारियों की ड्यूटी लगायी गयी है।

उन्होंने कहा कि 14 एएनएम की निर्वाचन ड्यूटी लगने के कारण पल्स पोलियो कार्यक्रम प्रभावित हुआ है। आगामी इंद्र धनुष कार्यक्रम के समय भी निर्वाचन ड्यूटी लगने के कारण उक्त कार्यक्रम की सफलता भी मुश्किल नजर आ रही है।
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