ललितपुर। जिला अस्पताल में मरीजों को सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। यहां न तो मरीजों के लिए बैठने के लिए बेंच हैं और न ही पानी का इंतजाम है। हालात यह हैं कि जांच, सीटी स्कैन और डॉक्टरों को दिखाने के लिए मरीजों को जमीन पर बैठकर और लेटकर अपनी बारी आने का इंतजार करना पड़ता है। मंगलवार को अस्पताल में तमाम अव्यवस्थाओं का सामना मरीजों को करना पड़ा। अस्पताल प्रबंधन को मरीजों की दिक्कत दूर करने की सुध नहीं है।
मरीजों के लिए सस्ते उपचार का एकमात्र सहारा जिला अस्पताल में अव्यवस्थाओं पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। वहीं अस्पताल की पैथोलॉजी में मरीजों के बैठने के लिए बेंच की सुविधा नहीं है। मंगलवार को सीटी स्कैन कराने आई गंभीर महिला मरीज को बेंच नसीब न होने पर जमीन पर लेटकर इंतजार करना पड़ा। यहीं नहीं अल्ट्रासाउंड कराने पहुंची महिला मरीजों ने भी जमीन पर बैठकर बारी आने का इंतजार किया। हद तो तब हो गई जब एक मासूम जांच के इंतजार के दौरान असहनीय दर्द होने के चलते जमीन पर लेट गया। इसे देखकर विभागीय कर्मचारी और डॉक्टर नहीं पसीजे। मासूम दर्द से कराहता हुआ जमीन पर लेटा रहा। वहीं पानी का भी कोई इंतजाम नहीं है। वार्डों में भर्ती मरीज और तीमारदार पानी को लेकर अधिक परेशान हैं। इन्हें ठंडा पानी तक मुहैया नहीं हो पा रहा है। लोग बाहर आकर टंकी का पानी पीने के लिए मजबूर हैं। यहां भी टंकी के पास फैली गंदगी देखकर लोग बिना पानी पिये तक वापस लौट जाते हैं। मरीजों का कहना है कि अस्पताल प्रबंधन को सुविधाओं की ओर ध्यान देना चाहिए।
रैन बसेरा में फैली गंदगी
अस्पताल परिसर में मरीजों के तीमारदारों के ठहरने और बैठने के लिए बने रैन बसेर में गंदगी का आलम है। यहां महीनों से सफाई नहीं हुई है। कहीं फलों के छिलके पड़े हैं, तो कहीं अन्य कूड़ा पड़ा है। पास में जमा गंदगी से दुर्गंध उठ रही है। सफाई न होने से लोग परेशान हैं।
स्ट्रेचर नहीं होने से चलकर जाते हैैं मरी
अस्पताल परिसर में मरीजों को प्रथम और द्वितीय तल पर भर्ती किया जाता है। यहां से मरीजों केे ओपीडी और जांच को जाने के लिए स्ट्रेचर की व्यवस्था नहीं की गई है। ऐसे में मरीजों को परेशानी होती है। मंगलवार को गंभीर बीमार महिला को स्ट्रेचर न होने से परिजन और तीमारदारों को ओपीडी से वार्ड तक पकड़ कर ले जाना पड़ा।
पैथोलॉजी का गेट बना पार्किंग स्थल
पैथोलॉजी में पहुंचने के लिए एक बाहर से भी गेट बना हुआ है। जिससे लोग सीधे पैथोलॉजी में पहुंच जाते हैं, लेकिन गेट के बाहर वाहनों खड़े होने से प्रवेश करना मुश्किल हो जाता है। यहां पर दूसरी ओर नाली में जमा गंदगी व ऊपर से गिरने वाले पानी से लोग बचने के चलते लोग आवाजाही तक नहीं कर पा रहे हैं।
घूमते रहते हैं आवारा जानवर
अस्पताल में संक्रमण से बचाव के लिए स्वच्छता के प्रति जागरू क किया जा रहा है, लेकिन अस्पताल परिसर में ही जानवर विचरण कर रहे हैं। मंगलवार को दवा वितरण कक्ष के पास में मरीज दवा को लाइन में लगे थे। वहीं दोनों ओर कुत्ते बैठे थे। इतना नहीं इनके पास में मरीज व तीमारदार तक बैठे रहे।
कैप्सन- अजय, टेनगा
छोटे भाई को पेट में असहनीय दर्द हो रहा है। अस्पताल में अल्ट्रासाउंड कराने आए थे। भाई दर्द से बैठ नहीं पा रहा है। बेंच नहीं होने से जमीन पर लेट गया है। जल्द ही जांच हो तो इलाज करा सकें।
- अजय, टेनगा
अस्पताल में मरीजों को सुविधा नहीं मिल रही है। वार्डों में भर्ती मरीजों को पीने के पानी को भरने के लिए नीचे तक आना पड़ रहा है। रात में अधिक परेशानी होती है। बेंच नहीं होने से महिलाएं तक नीचे बैठने को मजबूर हैं।
- राजकुमार