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नहीं चलेगी हेराफेरी, दिसंबर से ऑनलाइन लगेगी होमगार्ड की ड्यूटी

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ललितपुर। होमगार्ड की ड्यूटी का मस्टररोल अब ऑनलाइन होगा। दिसंबर से ड्यूटी ऑनलाइन लगेगी। इसके लिए सभी को यूजर आईडी और पासवर्ड दिया जाएगा। वहीं गैरहाजिर होमगार्ड के मोबाइल पर गैरहाजिरी का मेसेज पहुंच जाएगा।
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इस व्यवस्था के तहत साफ़्टवेयर पर अपडेट करना होगा कि जिन होमगार्डों की ड्यूटी लगी है, उसमें से कितने हाजिर हैं और कितने गैर हाजिर। साफ्टवेयर में गैर हाजिर पर क्लिक होते ही होमगार्डों के मोबाइल पर गैर हाजिरी का मेसेज पहुंच जाएगा। अगर होमगार्ड ड्यटी कर रहा है और साफ्टवेयर ने गैर हाजिर कर दिया है तो इसे दुरुस्त कराने के लिए होमगार्ड को समय दिया जाएगा। होमगार्डों की भी उपस्थिति दर्ज करने के लिए बायोमेट्रिक, आधार या लोकेशन बेस अटेंडेंस का विकल्प दिया जाएगा। ऐसे में तैनाती स्थल से ही लोकेशन के बारे में भी सही जानकारी मिल सकेगी।
जिले में तैनात करीब 700 से अधिक होमगार्ड की ड्यूटी दिसंबर से ऑनलाइन करने की तैयारी है। अभी वर्तमान में होमगार्डों की थानों से लेकर चौराहों, कार्यालय व अन्य स्थानों पर ड्यूटी लगाई जाती है। बीते दिनों होमगार्ड ड्यूटी में घोटाला उजागर होने के बाद हड़कंप मच गया था। आनन-फानन में जांच के दौरान सभी की ड्यूटी ऑनलाइन करने की कवायद शुरू कर दी गई थी। कई जिलों में इस मस्टररोल को ऑनलाइन कर दिया गया है। जिले में मस्टर रोल पर हाजिरी के अलावा लोकेशन पर आधारित हाजिरी ऑनलाइन होगी। इसके लिए मोबाइल एप, बायोमेट्रिक उपस्थिति आदि विकल्प का प्रयोग किया जाएगा।
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उधर, थानों में ड्यूटी के दौरान पूरी पारदर्शिता बरती जाएगी। थाने में थानेदार को जो यूजर आईडी दी जाएगी उस पर केवल उसी के क्षेत्र की ड्यूटी दिखेगी, जबकि एसएसपी स्तर पर दी जाने वाली यूजर आईडी और पासवर्ड पर पूरे जिले में किस थाने पर कितने होमगार्ड लगे हैं और कितने अनुपस्थित हैं, की सूचना तत्काल मिल जाएगी। इस सेवा को सीसीटीएनएस के साथ होमगार्ड के लिए भी समानांतर तरीके से चलाया जाएगा। महीने के अंत में थानाध्यक्ष द्वारा जो डाटा फीड किया जाएगा, उसी के अनुसार होमगार्डों का मानदेय बनेगा।
अभी ऐसे लगती है ड्यूटी
जिला कमांडेंट कार्यालय में ड्यूटी की मूल प्रति जमा की जाती है। कमांडेंट ड्यूटी का आवंटन करते हैं। लेकिन उनके पास इस बात का लेखा जोखा नहीं रहता है कि जवान ड्यूटी पर गया है या नहीं। ऐसे में इस कमजोर व्यवस्था का लाभ उठाकर गड़बड़ी कर दी जाती है। ड्यूटी पर जाने वाले होमगार्डों की थानों की जीडी में ड्यूटी के पहले दिन की एंट्री होती है। उसके बाद कब तक ड्यूटी की, कहां-कहां ड्यूटी की, इसका कोई हिसाब किताब नहीं होता है। अब व्यवस्था ऑनलाइन होने के बाद ड्यूटी में होने वाली गड़बड़ी दूर हो जाएगी।
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जल्द ही ड्यूटी की पूरी व्यवस्था ऑनलाइन हो जाएगी। इस पर लंबे समय से काम चल रहा है। व्यवस्था ऑनलाइन होने के बाद विभाग को फायदा होगा।
आरके आजाद, मंडलीय कमांडेंट, होमगार्ड
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