ललितपुर। जनपद में हुए पौधरोपण अभियान की हकीकत आए दिन सामने आ रही है। इस साल जिले में 48 लाख पौधे रोपे गए थे, लेकिन उनका संरक्षण नहीं हो रहा है। ग्राम मिर्चवारा में पौधों की जिम्मेदारी नहीं ली गई जिससे वहां रोपे गए 4,300 पौधों में से 3,000 पौधे नष्ट हो गए हैं।
ब्लॉक जखौरा अंर्तगत ग्राम पंचायत मिर्चवारा में पांच अलग-अलग स्थानों में 4,300 पौधे रोपे गए थे। लेकिन उन्हें पानी नहीं मिलने से इसमें से आधे पौधे मर हो गए हैं। वहीं ज्यादातर पौधों को रोपा ही नहीं गया है। जिससे जिले के पौधरोपण अभियान की भी पोल खुलती नजर आ रही है। ग्रामीणों ने कहा कि शासन द्वारा फलदार पौधे नहीं दिये जाते हैं। कोई भी पौधों को लेकर गंभीर नहीं रहता है। उन्होंने कहा कि साधारण पौधों में किसी की भी रुचि नहीं रहती और न ही कोई पौधों को पानी देता है। अगर स्थिति ऐसी ही बनी रही तो वह दिन भी दूर नहीं, जब पौधों की संख्या सिर्फ कागजों तक ही सिमटी रह जाएगी। प्रशासन को पौधरोपण अभियान की जमीनी हकीकत समझनी होगी, जहां पर जितने पौधे रोपे गए हैं, अब उनकी सच्चाई भी प्रशासन को देखनी चाहिए।
फेंक दिए सैकड़ों पौधे
ग्राम पंचायत मिर्चवारा में 4,300 पौधे रोपे गए हैं। इनमें से आधे पौधे पानी के अभाव में सूख गए हैं तो वहीं सैकड़ों पौधों को तो रोपा ही नहीं गया ।
पौधे लगाने के बाद उन्हें पानी देने की व्यवस्था होनी बहुत जरूरी है। पौधों को अगर अभी भी पानी नहीं मिला तो सभी पौधे सूख जाऐंगे। इसलिए जिम्मेदारों को पौधों को पानी देना चाहिए और उनका संरक्षण करना चाहिए।
- अमित निरंजन
गांव में रोपे गए पौधों को पानी नहीं मिला इससे सूख गए हैं। पांच जुलाई को पौधरोपण हुआ था, इसके बाद बारिश नहीं हुई इससे ज्यादातर पौधे नष्ट हो गए हैं।
- अशोक अहिरवार
शासन को फलदार पौधों का रोपण कराना चाहिए, जिससे लोग उनकी देखरेख करेंगे। कई ऐसे पौधे रोपे गए हैं, जिनमें लोगों की रुचि नहीं है। इससे पौधों की देखरेख नहीं हो रही है और पौधे मरते जा रहे हैं।
- गोपीलाल
शासन को पौधरोपण कराने के साथ- साथ उनके संरक्षण के लिए तार फैंसिंग भी करानी चाहिए। इसके साथ- साथ पानी की भी व्यवस्था करानी चाहिए जिससे रोपे गए पौधे बचे रहें।
- आशाराम
हर साल लक्ष्य बनाकर पौधे रोपे जाते हैं, लेकिन पौधों को लगाने के बाद उनकी ओर कोई लौट कर नहीं देखता है। इससे पौधे सूखकर नष्ट हो जाते हैं और उजड़ जाते हैं।
- नंदू बुनकर
पौधरोपण करके सरकार के करोड़ों रुपये खर्च तो हो गए, लेकिन इन पौधों की देखरेख और संरक्षण नहीं होने से पौधे मरते जा रहे हैं। जब पौधे रोपे गए थे, तब से अब तक दो सप्ताह बीत गए हैं। लेकिन, पौधों को पानी तक नहीं मिला। इससे आए दिन पौधे नष्ट हो रहे हैं।
- विनोद कुमार
अगर पौधे लगाए जाते हैं तो उनको संरक्षित करने के लिए भी प्रशासन को योजना बना लेनी चाहिए। अन्यथा, इस तरह के पौधारोपण अभियान से कोई फायदा नहीं है।
- अनिल निरंजन
शासन को फलदार पौधे लगवाने चाहिए। जिससे उनका भरण- पोषण करने के लिए लोग अपनी जिम्मेदारी समझेंगे। शासन द्वारा फलदार पौधे नहीं दिए जाते हैं जिससे कोई भी संरक्षण के लिए आगे नहीं आता है।
- मोतीलाल निरंजन
जब से पौधरोपण हुआ, तभी से बारिश नहीं हुई इसके चलते पौधे सूख रहे हैं। बारिश नहीं होने से फसल तो सूख रही है, ऐसे में पौधों का भी सूखना लाजमी है। पौधों को बचाने के लिए प्रयास किया जा रहा है।
- ज्वालाप्रसाद निरंजन, ग्राम प्रधान प्रतिनिधि
ग्राम पंचायत मिर्चवारा में पौधों के सूखने व नष्ट होनी की सूचना मिली है। इसकी जांच कराई जाएगी और पौधों को सिंचाई की व्यवस्था कराई जाएगी।
- अर्जित प्रकाश ,ग्राम विकास अधिकारी जखौरा
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पानी नहीं मिलने से सूखा पौधा- फोटो : LALITPUR