तहसील क्षेत्र के कुछ गांवों में शाम को अचानक मौसम ने करवट ली, तेज हवा, बारिश और ओलावृष्टि से फसलें तबाह हो गई है । ओलावृष्टि से ग्राम जखौरा एवं अगौरा मौजा सहित आसपास के क्षेत्रों में खेतों में खड़ी फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है, किसानों ने जिलाधिकारी से ओलावृष्टि से हुए नुकसान का मुआवजा दिलाए जाने की मांग की है।
दोपहर के बाद आसमान में बादल छा गए और 4 बजे के लगभग तेज आंधी के साथ बारिश के साथ ओले गिरने से मौजा जखौरा और मौजा अगौरा के कुछ हिस्से में ओलावृष्टि होने से मूंग, उड़द और खरबूजा की फसलें नष्ट हो गई। किसानों ने बड़ी मेहनत कर के जायद की फसल में बोई थी, मूंग की फसलों में फूल और फली आ चुकी थी। खरबूजा की फसलों में फल आ चुके थे, कुछ दिनों बाद खरबूजा की तुड़ाई शुरू हो जाती है। मौजा जखौरा के किसान विक्रांत सिंह ,पत्तू सिंह, प्रभू कुशवाहा व मौजा अगौरा के किसान बब्बू राजा, तेज सिंह, मुन्नी रजक,बाबू लाल ने ओलावृष्टि से हुए नुकसान का सर्वे कराते हुए, शीघ्र मुआवजा दिलाने की जिलाधिकारी से मांग की है।
यह बोले किसान
दस एकड़ में मूंग, उड़द व खरबूजा की खेती की थी, लेकिन ओलावृष्टि से सारी फसल नष्ट हो गई है। प्रशासन को फसलों में हुए नुकसान को दिलाना चाहिए।
सुरेश सिंह, किसान मौजा अगौरा।
आठ एकड़ जमीन बटाई पर लेकर खेती की थी, लेकिन बरसात के साथ बड़े-बड़े ओले गिरने से फसल नष्ट हो गई है।
हरदयाल कुशवाहा, किसान जखौरा।
तीन एकड़ जमीन में मूंग की खेती की थी, लेकिन ओले गिरने से बहुत नुकसान हआ है। सरकार सर्वे कराकर मुआवजा देने की अपील है।
किशन लाल कुशवाहा, किसान जखौरा।
चार एकड़ में मूंग की फसल बोई थी, ओलावृष्टि से सब खत्म हो गई है। प्रशासन को किसानों की फसलों का सर्वे उच्च अधिकारियों से कराते हुए, शीघ्र मुआवजा देना चाहिए।
हीरा लाल कुशवाहा, अगौरा।
इनका यह है कहना
क्षेत्र में ओलावृष्टि से फसलों के नष्ट होने की जानकारी प्राप्त हुई है, शुक्रवार को कर्मचारियों को भेज कर जांच कराएंगे। जो सरकारी राहत मिल सकेगी वह दिलाई जाएगी।
रजनीश बाजपेई, उपजिलाधिकारी महरौनी।