ललितपुर। शासन ने किसानों को गेहूं के उपज के लाभकारी मूल्य की घोषणा कर क्रय केंद्र खुलवाए, लेकिन बाजार में अधिक दाम मिलने से केंद्रों पर सन्नाटा पसरा है। हालत यह है कि तीन दिन बीतने के बाद भी क्रय केंद्रों पर खरीद शून्य है। ऐसे में केंद्रों पर अधिकारी कर्मचारी किसानों की राह देखते नजर आ रहे हैं।
बीते वर्षों में अतिवृष्टि से नष्ट फसल के नुकसान से आर्थिक रुप से कमजोर हो गए हैं। किसान लगातार कर्ज लेकर फसल करते आ रहे हैं। हालांकि राहत यह रही कि जनपद में रबी फसल की अच्छी पैदावार हुई है। मटर, चना और गेहूं की फसल का उत्पादन बीते वर्षों की अपेक्षा अच्छा हुआ है। किसानों को फसल की लाभकारी देने की घोषणा की और क्रय केंद्र खुलवाने के निर्देश दिए। साथ ही गेहूं के समर्थन मूल्य में भी 40 रुपये की वृद्घि की गई है। इस वर्ष शासन ने 2015 रुपये समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीद की जाएगी।
इसके लिए विभाग द्वारा सभी तैयारियां कर ली गईं थी। गेहूं के क्रय के लिए 44 केंद्र तैयार किए गए हैं। इनमें 36 साधन सहकारी समितियों पर खरीद केंद्र बनाए गए हैं। छह क्रय केंद्र खाद और रसद विभाग की विपणन शाखा के बनाए गए हैं। इसके अलावा दो भारतीय खाद निगम के खोले गए। एक अप्रैल से गेहूं क्रय केंद्र शुरू कर दिया गया है। लेकिन बाजार में अधिक दाम मिलने से तीन दिन बीतने के बाद भी खरीद केंद्र पर एक भी किसान अपनी उपज बेचने के लिए पहुंच रहे हैं। जहां बाजार में 2050 रुपये प्रति क्विंटल खरीदा जा रहा है। वहीं क्रय केंद्र पर 2015 रुपये का लिया जा रहा है। ऐसे में किसानों ने क्रय केंद्र से किनारा कर लिया है। किसानों का कहना है कि बाजार में जब अधिक दाम मिल रहे हैं तो क्रय केंद्र पर सस्ते दामों में गेहूं नहीं बेचेंगे। ऐसी स्थिति में क्रय केंद्र सूने पड़े हुए हैं। हालांकि क्रय केंद्र 15 जून तक संचालित किए जाना है।
शासन के निर्देश पर गेहूं खरीद के लिए 44 क्रय केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। बाजार में अधिक दाम मिलने से क्रय केंद्र पर खरीद शून्य बनी हुई है।
- राकेश कुमार त्रिपाठी, खाद्य विपणन अधिकारी