तालबेहट। उपभोक्ताओं को बिजली बिल की फर्जी रसीद थमाकर विभाग को बदनाम करने वाले कर्मचारी पर मामला दर्ज कराने के लिए तीन दिन से विद्युत विभाग के अधिकारी एवं सुपरवाइजर कोतवाली के चक्कर लगा रहे है, लेकिन कोतवाली पुलिस ने अभी तक मामला दर्ज नहीं किया है। इससे विद्युत चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगना तो दूर विभाग में फर्जीबाड़ा करने वाले कर्मचारियों के हौसले बुलंद होंगे। उपभोक्ताओं ने अमानत में ख्यानत करने वाले कर्मचारियों पर मामला दर्ज कराने की ओर प्रशासनिक अधिकारियों का ध्यान आकृष्ट कराया है।
मालूम हो कि विभाग में बिजली बिल वूसली का ठेका पेस कंप्यूटर सर्विसेज बेंगलुरु के पास है। इसमें एक सुपरवाइजर है। आरोप है कि कुछ दिन पहले मीटर रीडर ने नगर के एक उपभोक्ता को फर्जी बिल थमाकर उससे बिल के पंद्रह हजार रुपये ले लिए थे और उसे जमा करने की कंप्यूटर से फर्जी रसीद निकाल कर दे दी। जब उपभोक्ता उसे लेकर विद्युत विभाग गया तब उसे वास्तविकता की जानकारी हुई। इसकी शिकायत उसने विभागीय अफसरों सहित अन्य उच्चाधिकारियों से करते हुए आरोपी कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की थी।
मामला संज्ञान में आने पर विभागीय अधिकारियों ने कंपनी के उच्चाधिकारियों को पूरी घटना से अवगत कराया। इस पर कंपनी के सुपरवाइजर अनिल यादव ने कोतवाली पुलिस को एक शिकायती पत्र देकर उपभोक्ताओं को फर्जी बिल एवं रसीद देने वाले आरोपियों पर कार्रवाई करने की मांग की, लेकिन तीन दिन बीत जाने के बाद पुलिस ने मामला तक दर्ज नहीं किया। इससे विभागीय अधिकारियों सहित उपभोक्ताओं में आक्रोश है। इस संबंध में प्रभारी निरीक्षक पुलिस कामता प्रसाद का कहना है कि शिकायती पत्र प्राइवेट कंपनी के व्यक्ति द्वारा दिया गया है। सरकारी अधिकारी यदि लिख कर देंगे तो मामला अवश्य दर्ज किया जाएगा।
- इस तरह के कृत्य करने वालों पर कार्रवाई न होने से विभाग में मौजूद फर्जीबाड़ा करने वालों के हौसले बढ़ेंगे। ऐसे लोगों पर सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
- अक्षय विश्वकर्मा, उपखंड अधिकारी तालबेहट