संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। सौजना थाना क्षेत्र के छापछौल गांव में युवक की हत्या के बाद गांव में मातम पसरा है। ग्रामीण इसके लिए हत्यारोपी अरुण की शराब की लत को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। उनका कहना है कि अगर उसने शराब नहीं पी होती तो महेंद्र की जान बच जाती। वहीं, महेंद्र की मौत के बाद उसके परिवार में मातम पसरा है।
मृतक के एक बेटा और एक बेटी है। चार साल का बेटा मयंक सुबह से पापा का इंतजार कर रहा है। वह अपनी मम्मी से पूछता है कि पापा कब आएंगे। कहां गए हैं। वहीं छह साल की बेटी खुशी का भी रो-रोकर बुरा हाल है। पत्नी बबली का कहना है कि उनका परिवार ही उजड़ गया। महेंद्र का छोटा भाई जितेंद्र महज 20 साल का है। उसने बताया कि भैया के जाने के बाद अब उसकी जिंदगी कैसे चलेगी। परिवार के पास एक एकड़ की खेती है। पूरा परिवार मजूदरी करके खर्च चलाता है। दो भाई और एक बहन में सबसे बड़ा महेंद्र मजदूरी करके अपने परिवार का पालन-पोषण करता था। उसके पिता मिठ्ठू लाल भी मजदूरी करते हैं। मजदूरी ही उनके परिवार की आय का मुख्य साधन है। अब महेंद्र की हत्या के बाद परिवार की आर्थिक स्थिति पर भी असर पड़ेगा। वहीं, शनिवार देर शाम पुलिस की निगारनी में महेंद्र का अंतिम संस्कार कर दिया गया।