संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। पूर्व प्रधानमंत्री स्व. मनमोहन सिंह को बुंदेलखंड कभी नहीं भुला सकता। उन्होंने बुंदेलखंड विशेष पैकेज की सौगात देने के साथ ही सीमावर्ती जिला सागर के बीना क्षेत्र में रिफाइनरी के उद्घाटन के दौरान स्थानीय नेताओं से मुलाकात भी की थी।
यहां के लोग पूर्व प्रधानमंत्री को बीना रिफाइनरी के लिए जरूर याद करते हैं। बीना में उन्होंने 12 हजार करोड़ से तैयार भारत आमान रिफाइनरी लिमिटेड को राष्ट्र को समर्पित किया था। इसके अलावा बुंदेलखंड विशेष पैकेज की मांग के लिए यहां के तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष हरिकिशन बाबा, पूर्व सांसद प्रदीप जैन आदित्य के प्रतिनिधि जसपाल सिंह बंटी व संजीव चौरसिया भेंट करने गए थे।
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इतने सरल स्वभाव का नेता अपने जीवन में नहीं देखा। प्रधानमंत्री होते हुए भी वह सहज भाव से मिले। मांगों को गंभीरता से सुनकर उन्होंने कहा कि वह बुंदेलखंड की पीड़ा को जरूर दूर करेंगे। देश ने एक नायाब हीरा खो दिया है।-सरदार जसपाल सिंह बंटी, वरिष्ठ कांग्रेसी।
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पहले तो अपने आप को असहज महसूस कर रहे थे, लेकिन जब उनसे बातचीत हुई तो ऐसा लगा ही नहीं कि हम प्रधानमंत्री से बात कर रहे हैं। ऐसा महसूस हुआ कि हम अपने परिवार के मुखिया से मिल रहे हैं। उन्होंने सहजता के साथ हमें सुना। वह पल याद कर आंसू आ रहे हैं। -संजीव चौरसिया, कांग्रेसी नेता।
मनमोहन सिंह आजाद भारत से पहले एवं बाद में स्वच्छ राजनीति का चेहरा रहे। उनकी बराबरी करना वर्तमान राजनीति में एक सपना रहेगा, ऐसे राजनीतिज्ञ एवं आर्थिक सुधारक कभी-कभी ही जन्म लेते हैं।-अजय तोमर, कांग्रेसी नेता।
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मनमोहन सिंह जितने अच्छे इंसान थे, उतने ही विलक्षण शब्द ब्रह्म के उपासक थे। जहां एक शब्द से काम चल जाता है, वहां दो खर्च करने की जरूरत नहीं समझते थे। वह महान अर्थशास्त्री थे। उन्होंने देश की अर्थ व्यवस्था को उस समय पटरी से नहींं उतरने दिया, जब पूरे देश में आर्थिक संकट छाया हुआ था।-
प्रो. भगवत नारायण शर्मा, सेवानिवृत्त प्राचार्य