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Lalitpur News: 23 गांव की 50 हजार की आबादी को पानी आपूर्ति में बाधा बना वन विभाग

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ललितपुर। तहसील महरौनी अंतर्गत कस्बा बानपुर समेत 23 गांव की 54144 हजार की आबादी को पानी देने में वन विभाग रोड़ा बना हुआ है। इन गांव में पानी की सप्लाई के लिए भौंरट बांध से पानी लिया जाना था। इस पर इंटेकवेल समेत अन्य निर्माण कार्य पूर्ण हो गए हैं, लेकिन बांध में पानी न होने से सप्लाई चालू नहीं हो पा रही है। बांध को पूर्ण क्षमता के साथ भरने में वन विभाग रोड़ा बना हुआ है। इससे परियोजना शोपीस साबित हो रही है।
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हर घर जल नल योजना के अंतर्गत 23 गांव की 54144 आबादी को पानी की सुविधा के लिए बिल्ला-मौगान पेयजल परियोजना बनाई गई थी। इसमें भौंरट बांध से पानी लिया जाना था। इस पर 68.51 करोड़ की परियोजना बनाई गई। इसमें लगभग नौ हजार से अधिक परिवारों को पानी दिया जाना था। इसके लिए कार्यदायी संस्था जलनिगम ने स्वीकृति मिलने के बाद निर्माण कार्य शुरु किया। पेयजल परियोजना के अंतर्गत भौंरट बांध में इंटेकवेल बनाया। जहां से कच्चा पानी उठाया जाना था। इसके बाद बानपुर स्थित ट्रीटमेंट प्लांट में पानी का फिल्टर कर पीने योग्य बनाकर टंकियों के माध्यम से भेजा जाना था। इसके साथ ही लगभग 148 किलोमीटर तक पाइपलाइन डाली गई।
लोगों को घर-घर कनेक्शन देने की सुविधा भी की गई। इसको लेकर लोगों में खुशी थी, उम्मीद थी कि जल्द ही पानी की किल्लत से राहत मिल जाएगी। पानी के लिए दूर नहीं जाना होगा। लोग नल आने की आस ही लगा रहे थे। लेकिन, उम्मीदों पर वन विभाग ने पानी फेर दिया है। बांध पूर्ण क्षमता से भरने में वन विभाग की भूमि डूब क्षेत्र में आ रही है। ऐसे में वन विभाग आपत्ति लगा रहा है। इसके चलते सिंचाई विभाग भी बांध को नहीं भर पा रहे हैं। बांध में पानी कम होने से इंटेक वेल तक पानी नहीं है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि बांध पूर्ण क्षमता से भर जाए तब इंटेकवेल तक पर्याप्त पानी आ जाएगा। इससे आपूर्ति सुचारू रूप से हो सकेगी।
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यह है पेयजल परियोजना
बांध - भौंरट
वाटर ट्रीटमेंट प्लांट - बानपुर
निर्माण राशि - 68.51 करोड़
पानी सप्लाई - 10 एमएलडी
पाइपलाइन - 148.83 किमी.
गांव - 23
कनेक्शन संख्या - 9656
लाभांवित आबादी - 54144

वन विभाग डूब क्षेत्र की जमीन जाने के कारण इस पर आपत्ति लगाई गई है। सिंचाई विभाग को इसके बदले या तो जमीन अथवा धनराशि विभाग में जमा करनी होगी लेकिन अभी इस पर कोई निर्णय नहीं हुआ है। - गौतम सिंह, प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी, ललितपुर

भौंरट बांध को पूर्ण क्षमता से भरने पर वन विभाग की जमीन डूब क्षेत्र में आ रही है। इस पर वन विभाग को आपत्ति है। सिंचाई विभाग की ओर से जल्द ही एनओसी लेने की प्रक्रिया चल रही है। अगले सप्ताह तक कैबिनेट की बैठक में एनओसी मिलने की उम्मीद है। - राजेश श्रीवास्तव, अपर जिलाधिकारी, नमामि गंगे
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