ललितपुर। केंद्र सरकार कृषि कानून को वापस लेने, एमएसपी पर गारंटी देने, खरीफ की फसल नष्ट होने पर सर्वे कराकर मुआवजा दिलाने एवं डिफाल्ट किसानों को राहत राशि देने के अलावा अन्य किसान हितों की मांग के लिए सोमवार को किसान संगठनों ने पैदल व बाइक रैली निकालकर घंटाघर पहुंचे। वहां पर एकत्रित होकर जमकर प्रदर्शन किया। करीब चार घंटे तक चले प्रदर्शन में किसान संगठनों के अलावा समाजवादी पार्टी, कांग्रेस ने भी प्रतिभाग किया और केंद्र सरकार की नीतियों को कोसा।
भारतीय किसान यूूनियन (अराजनैतिक), बुंदेलखंड किसान यूनियन, किसान एकता मोर्चा ने सोमवार को भारत बंद के आह्वान किया था। इसके तहत जिले के कस्बा धौर्रा, बिरधा, बांसी, जखौरा एवं रेलवे स्टेशन और नेहरू महाविद्यालय के पास से किसान बाइक रैली एवं पैदल रैली निकालते हुए घंटाघर के मैदान पहुंचे, जहां सड़क पर बैठकर केंद्र सरकार के कृषि कानून का जमकर विरोध किया और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की। किसान संगठनों के इस आंदोलन में समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष तिलक यादव एवं जिला कांग्रेस कमेटी के जिलाध्यक्ष बलवंत सिंह राजपूत के साथ कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन में शामिल होकर अपना विरोध जताया।
प्रदर्शन के दौरान भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के जिलाध्यक्ष रंजीत सिंह यादव ने कहा कि केंद्र सरकार पूूंजीपतियों को फायदा पहुंचाने के लिए कोरोना काल में तीन किसान विरोधी कानून पिछले दरवाजे से पारित किए गए हैं जिसमें देश के किसान संगठनों (संयुक्त किसान मोर्चा) द्वारा दस महीने से आंदोलन देश किए जा रहे हैं लेकिन सरकार द्वारा किसान नेताओं से कोई भी बातचीत इन कानूनों को लेकर नहीं की जा रही है और न ही कानून वापस किए गए हैं। किसान यूनियन ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को देते हुए किसान हित में कानूून वापस लेने और एमएसपी पर खरीद की गारंटी दिलाने के अलावा डीजल, पेट्रोल, गैस के बढ़े दाम वापस करने और बुंदेलखंड के किसानों के सभी कर्ज माफ करने की मांग की। इसके साथ ही बुंदेलखंड किसान यूनियन (अराजनैतिक) के जिलाध्यक्ष विश्वनाथ यादव ने उक्त मांगों के साथ ही जिले में इस वर्ष अतिवृष्टि में उड़द, मूंग, सोयाबीन, मूंगफली आदि की फसलें नष्ट होने के चलते किसानों को मुआवजा दिलाने, किसान को सिंचाई के लिए निशुल्क कनेक्शन देेने, बीस घंटे विद्युत आपूर्ति देने, नहर व माइनरों की सफाई करते हुए टेल तक पानी पहुंचाने, सभी सरकारी समितियों पर खाद, उर्वरक की समुचित व्यवस्था कराने और काला बाजारी पर रोक लगाने, बैंकों में दलाली पर रोक लगाने, अन्ना पशुओं एवं जंगली जानवरों द्वारा हर वर्ष किए जाने वाले फसलों के नुकसान पर अंकुश लगाए जान और किसानों के पलायन को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की। वहीं समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष ने कहा कि उनकी पार्टी किसानों के साथ है और वह केंद्र की किसान विरोधी नीतियों का विरोध करती है। वहीं कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने कहा कि केंद्र सरकार को किसान विरोधी कानून वापस लेने होंगे और उनकी पार्टी किसानों के साथ हर प्रकार से खड़ी रहेगी। प्रदर्शन के दौरान मुख्य रूप से बुंदेलखंड किसान यूूनियन के जिलाध्यक्ष विश्वनाथ यादव, भाकियू जिलाध्यक्ष रंजीत यादव, कीरत बाबा, किसान एकता मोर्चा के जिलाध्यक्ष ऊदल सिंह, पहाड़ सिंह, मलखान, रामकुमार मुखिया, धन सिंह कुशवाहा, नंदकिशोर, बाबूलाल, रामदेव, हरपाल, उदयराज, धनीराम, धर्मेंद्र, धनीराम, धर्मेंद्र, जितेंद्र, जयराम, नरेश पाठक, खुशीलाल कुशवाहा, ऊदल सिंह पटेल, शब्बीर खां मंसूरी, पूर्व प्रधान मनोज सिंह, श्रीपाल सिंह, कुंवर सिंह अनौरा, खिलन प्रजापति समेत सैकड़ों लोग शामिल रहे।
प्रदर्शन के दौरान मौजूद पुलिस बल- फोटो : LALITPUR
घंटाघर पर प्रदर्शन करते बुंदेलखण्ड किसान यूनियन के कार्यकर्ता- फोटो : LALITPUR
घंटाघर पर प्रदर्शन करते संयुक्त किसान मोर्चा के पदाधिकारी व सपा कार्यकर्ता- फोटो : LALITPUR
एसडीएम को ज्ञापन देते बुंदेलखण्ड किसान यूनियन के पदाधिकारी व सपा जिलाध्यक्ष तिलक यादव- फोटो : LALITPUR