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हाईटेंशन लाइन का तार टूटकर एलटी पर गिरा, घरों में दौड़ा करंट, मासूम सहित छह झुलसे

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hospital.jpg - फोटो : hospital.jpg
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तालबेहट (ललितपुर)। मंगलवार की रात में ग्राम तरगुवा में हाईटेंशन लाइन का तार टूट कर एलटी लाइन पर गिरने से घरों में करंट फैल गया। इसकी चपेट में आने से दो मासूम सहित छह लोग झुलस गए। सभी को सीएचसी में भर्ती कराया गया। घटना से गुस्साए लोगों ने सड़क पर जाम लगा दिया। सूचना पर पहुंचे एसडीएम और सीओ सहित अन्य अधिकारी सीएचसी पर पहुंचे और झुलसे लोगों का हाल लिया। अफसरों के समझाने पर लोग शांत हो गए और जाम खोल दिया।
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कोतवाली के अंतर्गत ग्राम तरगुवा में राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय के सामने एक डीपी रखी है। जिससे आसपास निवास करने वाले परिवारों को बिजली मुहैया कराई जाती है। इसके ऊपर से शहजाद फीडर के लिए 11 हजार केवी की हाईटेंशन लाइन निकली है। मंगलवार को शाम करीब सात बजे हाईटेंशन लाइन का तार टूट कर एलटी लाइन पर गिर गया। जिससे कुछ घरों के ऊपर रखा सामान और तार जलने लगे। घरों से उठता धुआं देखकर लोग उसे बुझाने गए तो करंट की चपेट में आने से कुछ लोग झुलस गए।
आननफानन आसपास के लोग सभी घायलों को उपचार के लिए सीएचसी तालबेहट ले गए। घटना के विरोध में ग्रामीणों ने रात में सड़क जाम कर दी। जानकारी के बाद एसडीएम अनिल कुमार, सीओ इमरान अहमद, तहसीलदार राघवेंद्र शर्मा, प्रभारी निरीक्षक सुनील गुप्ता भारी पुलिस बल के साथ मौके पर गए। मौके पर गए अधिकारियों ने ग्रामीणों की बात को सुना और फिर उनकी समस्या का शीघ्र निराकरण कराने का आश्वासन दिया। जिस पर ग्रामीणों ने जाम खोल दिया। इसके बाद अधिकारियों ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंच कर घायलों की स्थिति को देखा और उनका हाल चाल लिया। एसडीएम ने बताया कि सीएचसी में प्रियंका (20 ) पत्नी संदीप, संदीप (23) पुत्र छोटे लाल और संदीप का पुत्र नरेंद्र (8), रामप्यारी (65) पत्नी बाबूराम, महक (6) पुत्री खिलन, तीजा (42) पत्नी हरीराम का उपचार चल रहा था।
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ग्रामीणों ने विद्युत विभाग पर लगाए कई आरोप
तालबेहट। इस हादसे के बाद जाम लगाने की सूचना पर मौके पर गए अधिकारियों के सामने ग्रामीणों ने विद्युत विभाग के अधिकारियों पर कई आरोप लगाए। ग्रामीणों ने उन्हें बताया कि इस तरह का यह तीसरा हादसा है। उन्होंने आरोप लगाया कि तीन माह पहले हुए हादसे के बाद जब ग्रामीणों ने मकानों के ऊपर से निकली हाईटेंशन लाइन को हटाने के लिए कहा था तब अधिकारियों ने उनसे सुविधा शुल्क की मांग की थी। यदि उनकी बात को उस समय मान लिया गया होता तो शायद उन्हें इस घटना का सामना नहीं करना पड़ता। हादसे के समय कई बार लाइन बंद कराने के लिए 66केवी विद्युत सब स्टेशन और विद्युत विभाग के अधिकारियों को फोन लगाया लेकिन किसी ने फोन तक नहीं उठाया।
वहीं विद्युत विभाग के उपखंड अधिकारी अक्षय विश्वकर्मा को कहना है कि उनके सामने आज तक किसी ने इस तरह संबंध में अवगत नहीं कराया। उनके अनुसार हाईटेंशन लाइन डलने के बाद ही मकान बने होंगे जो गलत है। क्योंकि यदि मकान बने होते तो उसके नीचे से हाईटेंशन लाइन नहीं निकाली जा सकती थी।
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इसकी सूचना जिलाधिकारी को प्रेषित की जा रही है। जो भी शासन द्वारा आर्थिक सहायता देय होगी अवश्य दी जाएगी। अनिल कुमार, एसडीएम तालबेहट।
ग्रामीणों द्वारा सड़क जाम की सूचना पर मौके पर गया था। ग्रामीणों की समस्या के बारे में विद्युत विभाग को अवगत कराया दिया गया है।
इमरान अहमद, सीओ तालबेहट।
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