ललितपुर। जिले में तेजी से कोरोना के बढ़ रहे संक्रमण ने पंचायत चुनाव की ड्यूटी में लगे शिक्षकों की बेचैनी बढ़ा दी है। उन्हें यह समझ नहीं आ रहा है कि इस हालात में पंचायत चुनाव की ड्यूटी कैसे हो पाएगी। बेचैन शिक्षकों को अधिकारियों से भी मायूसी हाथ लग रही है। शिक्षकों ने निर्वाचन आयुक्त को पत्र व ईमेल भेजकर चुनाव की तिथि बढ़ाने की मांग की है। कई शिक्षकों ने ड्यूटी कटवाने के लिए आवेदन किया है।
जिले में कोरोना संक्रमण थमने का नाम नहीं ले रहा है। दिनों दिन संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है, साथ ही मृतकों की संख्या भी बढ़ रही है। इस स्थिति ने पंचायत चुनाव की ड्यूटी में लगे शिक्षकों को बेचैन कर दिया है। यही नहीं, शिक्षकों के परिजन भी इस बात को लेकर चिंतित हैं। परिजन चाहते हैं कि मौजूदा परिस्थिति में वह घर पर ही रहें।
जिले में पहले ही करीब 25 शिक्षक संक्रमित हो चुके हैं और कई अन्य नाम भी सूचीबद्ध हो रहे हैं। कई शिक्षकों ने पंचायत चुनाव की ड्यूटी कटवाने के लिए आवेदन किए हैं लेकिन उनके आवेदनों पर विचार नहीं किया जा रहा है। जिससे उनकी परेशानी कम होने का नाम नहीं ले रही है।
दोपहर के समय पंचायत चुनाव टलने की अटकलें शुरू हुईं तो शिक्षकों के चेहरे खिल उठे लेकिन चेहरे पर यह प्रसन्नता ज्यादा समय तक नहीं रही। शाम होते-होते स्पष्ट कर दिया गया कि पंचायत चुनाव तय तारीखों पर ही होंगे। इससे शिक्षकों में एक बार फिर निराशा भाव हो गया। शिक्षक नेता आलोक श्रीवास्तव ने राज्य निर्वाचन आयुक्त को पत्र लिखा है। इसमें कहा गया कि कोविड-19 महामारी विकराल रूप धारण करती जा रही है। इस महामारी के बीच पंचायत चुनाव की तैयारी जोरों पर हैं। महामारी को दृष्टिगत रखते हुए पंचायत चुनाव की प्रस्तावित तिथि आगे बढ़ाई जाए। शिक्षक सुनील जैन ने राज्य निर्वाचन आयुक्त की ईमेल पर पंचायत चुनाव की तिथि आगे बढ़ाने की मांग की है। पीठासीन अधिकारी हेमंत तिवारी ने भी निर्वाचन आयुक्त से चुनाव की तिथि आगे बढ़ाने की गुजारिश की है।