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ई- स्टांप की किल्लत, मनमाने दाम वसूले जा रहे

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stamp paper.jpg - फोटो : stamp paper.jpg
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तालबेहट। जहां एक ओर शासन ने किसानों एवं आमलोगों को राहत दिलाने के उद्देश्य से ई- स्टांप की व्यवस्था की है, वही दूसरी ओर ई- स्टांप के लाइसेंसधारक लोगों को स्टांप की कमी बताकर खरीदारों से मनमाने दाम वसूल रहे हैं। सबसे अधिक शोषण किसानों का हो रहा है। किसान क्रेडिट कार्ड बनवाने के लिए आ रहे किसानों को मजबूरी में स्टांप लेना पड़ रहा है।
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शासन ने व्यवस्था को सरल एवं सुगम बनाने के लिए ई-स्टांप की व्यवस्था लागू की है। इसके तहत स्टांप खरीदने वाले व्यक्ति को मूल कीमत ही अदा करनी होती है। लाइसेंसधारक को स्टांप होल्डिंग कंपनी द्वारा निर्धारित बिक्री पर तय कमीशन देने का प्रावधान है। लेकिन, तहसील के लोगों को अभी इस योजना की पूरी जानकारी नहीं होने से ई- स्टांप संचालक और रजिस्ट्री लेखक कमीशन के नाम पर मनमाने दाम वसूल रहे हैं। बैंक में केसीसी, आय, जाति एवं निवास आदि प्रमाण पत्रों में स्टांप की अनिवार्यता है। इसके चलते स्टांप बिक्री का चलन अधिक हो गया है। सौ रुपये के ई- स्टांप खरीदने पर ग्राहक को सौ रुपये ही देने पड़ते हैं, लेकिन तहसील क्षेत्र में सौ रुपये का स्टांप के एक सौ तीस से लेकर डेढ़ सौ रुपये तक वसूले जा रहे हैं।
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सरकार की इस महत्वपूर्ण योजना की जानकारी अभी आम लोगों को नहीं है। जिसका अनुचित लाभ ई - स्टांप लाइसेंसी उठा रहे हैं।
- रामरतन कुशवाहा अधिवक्ता
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ई-स्टांप लाइसेंसी छोटी कीमत के स्टांप खरीदने वालों से मनमाना पैसा ले रहे हैं। क्योंकि, बैनामा कराने वाले तो रजिस्ट्री लेखक के माध्यम से स्टांप खरीद रहे हैं।
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- शिवम, ग्राम जखौरा
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किसानों को स्टांप की कमी बताकर उनसे मनमाना दाम लिया जा रहा है। जो गलत है, इस पर रोक लगाने के लिए प्रशासन को सख्त कदम उठाना चाहिए।
- पंकज, बैंक मित्र
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बैंक में किसान क्रेडिट कार्ड के लिए स्टांप की आवश्यकता होती है। स्टांप खरीद में कुछ लाइसेंसी किसानों से मनमाना कमीशन वसूल रहे हैं।
- भूपेंद्र सिंह, बैंक मित्र
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तहसील में कितने ई- स्टांप लाइसेंसी है। इसकी जानकारी नहीं है। इस पर कितना कमीशन मिलता है। इसके बारे में भी अभी कुछ नहीं बता सकता।
- मोहम्मद सादिक, उपनिबंधक तालबेहट
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यह मामला अभी तक मेरे संज्ञान में नहीं आया है। स्टांप की कमी बताकर जनता से लूट करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।
- अनिल कुमार, उपजिलाधिकारी तालबेहट
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