मड़ावरा ब्लॉक की ग्राम सौंरई की हर गली में गंदगी फैली हुई। गांव में सफाई कर्मचारी की तैनाती न होने से नालियां गंदगी से भरी पड़ी है, इससे संक्रामक बीमारियां भी फैल रही है। जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
देश में स्वच्छ भारत मिशन योजना के तहत गांव एवं शहरी क्षेत्रों को गंदगी से मुक्त साफ-स्वच्छ रखने के प्रति शासन द्वारा पानी की तरह पैसा बहाया जा रहा है, इसके बावजूद ग्रामीण क्षेत्रों में बजबजाती नालियां सफाई व्यवस्था की पोल खोलती नजर आ रहीं हैं। ग्राम पंचायत सौंरई के अधिकतर मुहल्ला साफ-सफाई के मामले में फिसड्डे साबित हो रहे हैं। जहां गांव के मुख्य मार्ग कचराघर में तब्दील हो गए हैं। नालियों का पानी सड़क पर बह रहा है जिससे राहगीरों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, तो वहीं नालियों का गंदा पानी जो सड़क पर बाहन चालकों के लिये भी मुसीबत का सबब बन रहा है। अब तक कई वाहन सवार आवाजाही के दौरान फिसलन से चोटहिल हो चुके हैं। बावजूद जिम्मेदार अधिकारी और जनप्रतिनिधी इस गंभीर समस्या को नजरअंदाज कर रहे हैं। गांव के प्राथमिक विद्यालय के पास, वार्ड क्रमांक 1 में तो समस्या बड़ी गंभीर है। जहां नालियां न होने से हैंडपंप व घरों से निकलने वाला गंदा का पानी मुख्य सड़क पर बहना शुरू हो गया। वहीं बाजार मुहल्ला वार्ड क्रमांक 3-4 में भी कचरा के बड़े-बड़े ढेर लग चुके हैं। दलित बस्ती वार्ड क्रमांक 14 की तो बड़ी दुर्दशा है ठीक यही हाल सहरिया बस्ती और मिश्रा मुहल्ला का है। ग्रामीणों ने प्रशासन से गांव की बदहाल व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए सर्फाइ कर्मचारी तैनाती की मांग की है।