तालबेहट। कुछ दिनों से मध्य प्रदेश में हो रही मूसलाधार बारिश का असर बेतवा नदी पर बने बांधों पर दिखने लगा है। इसके चलते बांधों से पानी की निकासी शुरू हो गई है। रविवार को बांध के राजघाट, माताटीला और सुकुवां-ढुकुवां बांध से पानी की निकासी शुरू हो गई। बांध से पानी की निकासी के बाद आसपास के क्षेत्र के लोग नजारा देखने बांध पहुंचे। सुकुवां-ढुकुवां बांध से पानी की निकासी शुरू होने से बांध में पूराविरधा से बबीना मार्ग पर दोपहर तक आवागमन ठप रहा।
बेतवा में जलस्तर बढ़ने से रविवार को राजघाट बांध से पानी की निकासी की गई। इसके चलते रविवार को माताटीला बांध में भी जल स्तर को नियंत्रित करने के लिए 20 गेट दो-दो फुट की ऊंचाई तक खोलकर 44754 क्यूसेक पानी की निकासी की गई। माताटीला बांध से पानी छोड़े जाने के कुछ घंटे बाद ही पूराविरधा क्षेत्र में बने सुकुवां-ढुकुवां बांध में भी पानी का स्तर बढ़ने से वहां से भी पानी की निकासी शुरू हो गई। बांध से स्वत: गिरने वाले पानी के विहंगम दृश्य को देखने के लिए आसपास के क्षेत्र से भारी संख्या में सैलानी पहुंचे। वहीं, बांध से पानी गिरने से बबीना से विरधा वाला मार्ग पर पानी आने से उक्त मार्ग पर सोमवार दोपहर तक आवागमन पूरी से ठप रहा। बाद में रिपटे से पानी उतर जाने के कारण लोगों का आवागमन शुरू हुआ।
विशेष प्रकार का है बांध
पूराविरधा और बबीना के मध्य कंधारीकलां के समीप बेतवा नदी पर स्थित यह बांध विशेष प्रकार का है। इसमें कोई गेट नहीं है। पानी का स्तर बढ़ने पर बांध से स्वत: पानी गिरने लगता है। बांध से गिरने वाला पानी दूर से ऐसा लगता है, जैसे कोई श्वेत चादर फैली हो।
इन गांवों के लोग प्रभावित
पूराविरधा, कंधारीकलां, भैंसनवारा कला, भैंसनवाराखुर्द, झावर, पुराखुर्द, उगरपुर आदि गांवों के ग्रामीण झांसी और बबीना जाने के लिए इसी मार्ग से जाते थे। इससे उन्हें कम दूरी तय करना पड़ती है। सोमवार दोपहर तक उक्त मार्ग पर आवागमन ठप रहा।