ललितपुर। मेडिकल कॉलेज की व्यवस्थाओं में लगातार गड़बड़ी पाए जाने के चलते शासन ने प्रभारी प्रधानाचार्य डॉ. डीनाथ से मेडिकल कॉलेज, ललितपुर का अतिरिक्त प्रभार छीन लिया है। यहां प्रधानाचार्य के पद पर नवीन तैनाती शाहजहांपुर में स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय में हड्डी रोग विभाग के आचार्य व विभागाध्यक्ष डॉ. मयंक कुमार शुक्ल को दी गई है।
चिकित्सक समय से ओपीडी में नहीं पहुंच रहे थे। वहीं, कई विभाग में प्रोफेसर की जगह जूनियर रेजिडेंट ओपीडी चला रहे थे। प्रभारी मंत्री समेत नोडल अधिकारियों के लगातार निर्देश के बाद भी सुधार नहीं हो रहा था। हाल में नोडल अधिकारी अमृत त्रिपाठी के सामने ही एक तीमारदार मरीज को पीठ पर लादकर ले जाते हुए पाया गया था। टंकियों की सफाई भी दो वर्ष से नहीं होनी पाई गई थी। साफ-सफाई व्यवस्था भी बदहाल मिली थी। कुछ तीमारदारों ने ऑपरेशन न करने तक की शिकायत की थी। नोडल अधिकारी ने कड़ी नाराजगी जाहिर की थी। अव्यवस्थाएं दूर न होने पर शासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए डॉ. डीनाथ से प्रधानाचार्य का अतिरिक्त प्रभार हटा दिया है। अब नवनियुक्त प्रधानाचार्य डॉ. मयंक कुमार शुक्ल ने कार्यभार ग्रहण कर लिया है। अस्पताल में अव्यवस्थाएं दूर करना नए प्रधानाचार्य के लिए चुनौती होगी।
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मेडिकल कॉलेज में 100 सीटों की मान्यता रही उपलब्धि
प्रभारी प्रधानाचार्य डॉ. डीनाथ के कार्यकाल की सबसे बड़ी उपलब्धि मेडिकल कॉलेज में 100 सीटों की मान्यता मिलने के साथ ही कक्षाओं का संचालन रहा है। मानक पूरे होने पर एनएमसी ने 50 सीटों की मान्यता दी थी। बाद में शासन की अपील और प्रधानाचार्य के प्रयास से एनएमसी ने और 50 सीटों की मान्यता दे दी। इस तरह पहले सत्र में 100 सीटों पर प्रवेश के बाद कक्षाओं का संचालन शुरू कराया।