ललितपुर। गिन्नौट बाग में आयोजित जनसभा के दौरान मुख्यमंत्री ने नगर पालिका ललितपुर की सीमा विस्तार करने की घोषणा कर दी है। नगर पालिका अध्यक्ष और विभागीय अधिकारियों द्वारा नगर की सीमा विस्तार के लिए पिछले तीन-चार वर्षों से मांग की जा रही थी। मुख्यमंत्री की घोषणा से उन्हें सफलता मिल गई है। सीमा विस्तार होने से शहर के विकास के नये रास्ते खुलेंगे।
वर्ष 1975 में नगर पालिका का गठन किया गया था, तब से लेकर अब तक 40 वर्षों से नगर पालिका का सीमा विस्तार नहीं हुआ है। नगर पालिका अध्यक्ष सुभाष जायसवाल करीब तीन वर्षों से लगातार नगर पालिका क्षेत्र के सीमा विस्तार के लिए प्रयास कर रहे हैं। पिछले तीन वर्षों में जितने भी प्रदेश स्तरीय नेता व अधिकारी जनपद दौरे पर आए, उन्होंने नगर सीमा विस्तार की मांग की।
नगर पालिका ने शासन की मांग पर लगभग सभी औपचारिकताएं पूर्ण कर ली हैं, लेकिन सीमा विस्तार का मामला शासन स्तर पर लंबित चल रहा है। पालिका अध्यक्ष की मेहनत सफल होती नजर आ रही है। जनपद मुख्यालय स्थित गन्नौट बाग में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने पालिका अध्यक्ष द्वारा नगर पालिका क्षेत्र की सीमा विस्तार की मांग को गंभीरता से लेते हुए सभा में सीमा विस्तार कराने की घोषण कर दी है। इससे नगर पालिका अधिकारियों, कर्मियों व नागरिकों के चेहरों पर खुशी देखने को मिली।
यहां तक फैल जाएगी सीमा
नगर पालिका क्षेत्र का सीमा विस्तार होने के बाद नगर पालिका का दायरा मुहल्ला नेहरू नगर से बढ़कर जुगपुरा व ककरुआ तक हो जाएगा। इसके अलावा मुहल्ला रामनगर से चंदेरा होते हुए ग्राम रौंड़ा की सीमा तक, मुहल्ला पिसनारी बाग से ग्राम सिलगन तक, ग्राम मसौरा कलां व मसौरा खुर्द का भी कुछ हिस्सा नगर पालिका की सीमा में लगेगा और ग्राम पनारी भी नगर पालिका क्षेत्र में हो जाएगा।
अन्य मांगों को लेकर सीएम को सौंपा ज्ञापन
मुख्यमंत्री के नगर आगमन पर नगर पालिका अध्यक्ष ने नगर की विभिन्न मांगों को लेकर मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा है। पालिकाध्यक्ष ने नगर के विकास कार्यों के अतिरिक्त वित्तीय सहायता उपलब्ध कराये जाने की मांग की है। उन्होंने बताया कि संविदा सफाई कर्मचारियों का मानदेय गत वर्ष से बढ़कर लगभग 14 हजार रुपये प्रति माह कर दिया गया है। सफाई कर्मचारियों की कमी के कारण आउटसोर्सिंग सेवा के माध्यम से 150 सफाई मजदूरों से सेवा ली जा रही है, इसके लिए विभाग को 40.52 लाख रुपये प्रतिमाह अतिरिक्त व्यय करना पड़ रहा है। कुल मिलाकर नगर पालिका को 4.86 करोड़ रुपये प्रति वर्ष व्यय करना पड़ रहा है। जबकि, राज्य वित्त आयोग द्वारा प्रदान की जाने वाली धनराशि में कोई वृद्धि नहीं की गई है।
झांसी-सागर राष्ट्रीय राजमार्ग 26 से लगे वार्ड नंबर 21 के मुहल्ला रावतयाना में स्थित कलेक्ट्रेट नजूल की वर्षों से खाली पड़ी 13.41 एकड़ भूमि पर डा. राममनोहर लोहिया के नाम से लोहिया पार्क का निर्माण कराया जाए। सुम्मेरा तालाब का सौंदर्यीकरण का कार्य धीमा चल रहा है, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने संस्था को कार्य समय से पूर्ण कराए जाने के निर्देश दिए जाने की मांग की। इसके अलावा नगर पालिका में हाईड्रोलिक सीढी लाइनमैन, हाईड्रोलिक सीढ़ी चालक जनरेटर ऑपरेटर, कंप्यूटर ऑपरेटर, संविदा सफाई कर्मचारियों एवं संविदा वाहन चालकों की तैनाती करने, पालिका द्वारा संचालित दोनों विद्यालयों नगर पालिका बालिका इंटर कालेज व पीएन इंटर कालेज में शिक्षक/शिक्षिकाओं, परिसेवक/ परिसेविकाओं के पदों पर तैनाती करने, की मांग की। वार्ड नंबर 15 के मुहल्ला घुसयाना में बने ब्याना नाले के पास स्थित पुल की मरम्मत कराए जाने और मुहल्ला नेहरू नगर में पेयजल की समस्या के निस्तारण की मांग की है।