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Lalitpur News: देवगढ़ मंदिर समूह को वैश्विक पहचान का इंतजार

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विश्व धरोहर दिवस पर विशेष
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-जिले में 273 ऐतिहासिक धरोहर, इनमें कुछ संरक्षित, तो कुछ संरक्षण को मोहताज

रविशंकर सेन
ललितपुर। ऐतिहासिक और स्थापत्य दृष्टि से समृद्ध देवगढ़ मंदिर समूह आज भी वैश्विक पहचान से वंचित है। अब तक इसे विश्व धरोहर सूची में शामिल कराने के लिए कोई ठोस प्रस्ताव आगे नहीं बढ़ पाया है। ऐसे में विश्व विरासत दिवस पर एक बार फिर इस अनमोल धरोहर को अंतरराष्ट्रीय पटल पर लाने की जरूरत महसूस की जा रही है, ताकि इसकी ऐतिहासिक महत्ता को उचित पहचान मिल सके।
जिले में करीब 273 से अधिक छोटी-बड़ी ऐतिहासिक धरोहरें हैं। इनमें 73 केंद्र संरक्षित हैं, जिनका संरक्षण भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा किया जा रहा है, जबकि लगभग 200 धरोहरें राज्य सरकार के संरक्षण में हैं। केंद्र सूची में शामिल 79 स्थलों में से छह धरोहरें वर्तमान में लापता हैं, जिनके विंध्यांचल के घने जंगलों में होने की संभावना जताई जा रही है।
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देवगढ़ क्षेत्र प्राचीन वास्तुकला और गुप्तकालीन इतिहास का जीवंत उदाहरण है। यहां स्थित दशावतार मंदिर भारतीय स्थापत्य कला का अनूठा नमूना है, जो देश-विदेश के पर्यटकों को आकर्षित करता है। इसके अलावा तालबेहट किला, मड़ावरा, सौरई, महरौनी, बानपुर, कैलगुवां और बालाबेहट जैसे किले भी जिले की ऐतिहासिक पहचान को मजबूत करते हैं। विशेष रूप से तालबेहट किला अपने विशाल जलाशय और प्राकृतिक सौंदर्य के लिए प्रसिद्ध है।

दूधई की रॉककट नरसिंह प्रतिमा अद्वितीय
दूधई नरसिंह प्रतिमा करीब 30 फीट ऊंची रॉककट मूर्ति है, जिसे पहाड़ को काटकर बनाया गया है। यह प्राचीन मूर्तिकला का अनोखा उदाहरण है और अपनी तरह की विरल धरोहर मानी जाती है।

जिले की प्रमुख केंद्र संरक्षित धरोहरें
दशावतार मंदिर, देवगढ़
बौद्ध गुफाएं
चांदपुर-जहाजपुर मंदिर समूह
बार का मकबरा
बुदनी का सूर्य मंदिर
दूधई मंदिर समूह
मदनपुर में आल्हा-ऊदल कचहरी
तालबेहट किला

इस वर्ष की थीम : संकट में धरोहरों की सुरक्षा
विश्व विरासत दिवस की इस वर्ष की थीम संघर्षों और आपदाओं के संदर्भ में जीवित विरासत के लिए आपातकालीन प्रतिक्रिया रखी गई है। इसका उद्देश्य यह है कि युद्ध या प्राकृतिक आपदाओं जैसे संकटों के दौरान ऐतिहासिक धरोहरों को सुरक्षित रखने के लिए पहले से तैयारी और प्रभावी रणनीति बनाई जाए।

दशावतार मंदिर में भी आज निशुल्क प्रवेश
विश्व विरासत दिवस के अवसर पर शनिवार को पुरातत्व विभाग द्वारा संरक्षित सभी स्मारकों में प्रवेश निशुल्क रहेगा। दशावतार मंदिर में भी पर्यटकों के लिए मुफ्त प्रवेश की व्यवस्था की गई है।

जिले के ऐतिहासिक, प्राचीन और प्राकृतिक स्थलों के संरक्षण एवं पर्यटन विकास के लिए प्रस्ताव भेजे गए हैं। कई किलों और स्थलों पर विकास कार्य भी कराया गया है, जिससे इन्हें वैश्विक पहचान दिलाई जा सके। - सत्यप्रकाश, जिलाधिकारी
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देवगढ़ मंदिर समूह को विश्व धरोहर सूची में शामिल करवाने के लिए लोगों की ओर से मांग उठी है। हालांकि इस संबंध में यूनेस्को को अब तक कोई प्रस्ताव नहीं भेजा गया है। - रवि रस्तोगी, सहायक संरक्षण अधिकारी, एएसआई।
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