सिलावन (ललितपुर)। महरौनी तहसील क्षेत्र के समोगर गांव के दर्जनों किसानों ने बारिश और ओलावृष्टि से नष्ट हुई फसल को लेकर एसडीएम कार्यालय पर पहुंचकर प्रदर्शन किया। किसानों ने नष्ट फसल का आंकलन कर मुआवजा दिलाने की मांग की हैं।
विगत दिनों हुई बारिश और ओलावृष्टि का असर अब फसल पर दिखाई देने लगा हैं। ओलों से जहां फसलों के फूलों पर असर पड़ा था वहीं अत्यधिक बारिश से फसल की जड़े कमजोर हो गई थी। जिस कारण फसल समय से पहले ही सूखकर आड़ी हो गई। उसमें फलियां तो लगीं लेकिन दाना नहीं पड़ सका। खासकर मटर, मसूर और चना की फसल ज्यादा प्रभावित हुईं हैं। किसानों की माने तो इससे 70 फीसदी से ज्यादा नुकसान बताया जा रहा हैं।
बृहस्पतिवार को समोगर गांव के किसान नष्ट हुई फसल को लेकर एसडीएम कार्यालय पहुंचे। बताया कि उन्होंने जैसे तैसे कर्ज लेकर फसल बुवाई की थी। विगत दिनों हुई बारिश और ओलावृष्टि से मटर, चना, मसूर आदि फसल नष्ट हो गई जिसके चलते उन्हें कर्ज चुकाने और परिवार का भरण पोषण करने की चिंता सताने लगी हैं।
किसानों ने नष्ट हुई फसल का सही आंकलन कराकर उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है। इस मौके पर क्षेत्र पंचायत सदस्य संजीव कुमार, राघवेंद सिंह , मल्थू, जगत सिंह, हरगोविंद, बृजलाल यादव, माधव सिंह, कमलेश, कल्लू सेन, धरमू अहिरवार, जितेंद्र कुमार, मदन, रमेश, दीपचंद, गोकुल, जाहर सिंह, सोबरन सिंह यादव, राजा सिंह, सुनील, परम, मोहन, गोपालदास, भागीरथ, रविंद्र, गोविंददास, डरू अहिरवार, ओमप्रकाश, नाथूराम, सुकलाल, मोरनलाल, पप्पू, नारायन अहिरवार, मल्थू, कृपाल सिंह, बहादुर सिंह, घनश्यामदास, रमेश, भगवानदास, रामदास, रामचरन आदि मौजूद रहे।