- तीन फेस की जगह दिया एक फेस का बिजली कनेक्शन, सही प्रेशर से नहीं चल पा रहा
- स्वास्थ्य विभाग ने कोविड-19 के चलते तैयारियों को परखा
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर-तालबेहट। देश में कोविड-19 के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने शनिवार को मेडिकल कॉलेज ललितपुर, तालबेहट व महरौनी सीएचसी में पीएसए ऑक्सीजन प्लांट का मॉकड्रिल किया। जिसमें महरौनी और तालबेहट में ऑक्सीजन प्लांट सही से नहीं चल सका, हालांकि मेडिकल कॉलेज का ऑक्सीजन चलता पाया गया।
कोविड-19 संक्रमण के देश में बढ़ रहे मामलों के चलते जनपद में भी इसकी संभावना को देखते हुए स्वास्थ्य महकमा ने तैयारियां शुरू कर दी है। इसके चलते स्वास्थ्य विभाग ने शनिवार को मेडिकल कॉलेज ललितपुर, तालबेहट सीएचसी व महरौनी सीएचसी में काेविड-19 में जरूरी पीएसए ऑक्सीजन प्लांट की स्थिति का मॉकड्रिल किया गया। इसमें ऑक्सीजन प्लांट को नोडल अधिकारियों ने चलवाकर देखा। जिसमें ललितपुर मेडिकल कॉलेज में तो ऑक्सीजन प्लांट चलता पाया गया, लेकिन तालबेहट और महरौनी में ऑक्सीजन प्लांट में कमी पाई गई। यहां ऑक्सीजन प्लांट सही प्रेशर से नहीं चल रहे थे। इसका कारण यह पाया गया कि ऑक्सीजन प्लांट चलाने के लिए तीन फेस के बिजली कनेक्शन की आवश्यकता है, लेकिन यहां एक ही फेस का कनेक्शन दिया गया है, जिसके चलते यहां ऑक्सीजन प्लांट चलने के लिए जितने वोल्टेज की जरूरत है, उससे काफी कम वोल्टेज मिल पा रहा है। ऐसे में एक फेस पर यह प्लांट नहीं चल पा रहे हैं। नोडल अधिकारियों ने अपनी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी है, ताकि समय रहते ऑक्सीजन प्लांट की कमियों को दूर किया जा सके। वहीं टीमों ने वार्डों में ऑक्सीजन भेजने की व्यवस्थाएं परखीं। मेडिकल कॉलेज में नोडल अधिकारी डॉ. रामनरेश सोनी, महरौनी सीएचसी में नोडल अधिकारी डॉ. देशराज दोहरे, जबकि तालबेहट में डॉ. प्रदीप यादव ने मॉकड्रिल में व्यवस्थाएं परखीं।