संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। गोविंद सागर बांध के पानी में काफी संख्या में मरी हुई मछलियां उतराती मिलीं। मछलियों की मौत कैसे और किन कारणों के चलते हुई, इसकी चर्चा गर्म है।
यहां के सबसे पुराने बांधों में शुमार गोविंद सागर बांध के पानी से जहां किसानों को सिंचाई के लिए पानी मिलता है, वहीं शहरी लोगों सहित रेलवे को पेयजल के लिए पानी उपलब्ध कराया जाता है। बांध में मत्स्य पालन भी किया जाता है। इसके लिए शासन स्तर से ठेकेदार को नामित किया जाता है। कुछ दिन पूर्व गोविंद सागर बांध पर जाने वाले सैलानियों को साइफन के पास काफी संख्या में मरी मछलियां उतराती दिखीं। बांध में मछली पालन करने वाली कार्यदायी संस्था के कर्मचारियों ने मरी मछलियों को बाहर निकाला और उन्हें गड्ढा खोदकर दफना दिया। कार्यकारी प्रबंधक रिजर्व वायर झांसी आरएस त्यागी ने बताया कि गर्मी के मौसम में बांध में भरे पानी में ऑक्सीजन का स्तर कम हो जाता है, मछलियां ऑक्सीजन लेने ऊपर आती हैं। यहां गर्मी ज्यादा होने के कारण उनकी मौत होने की आशंका है।