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किसी ने फरियाद नहीं सुनी तो इकलौते बेटे का शव टैक्सी में बांधकर घर ले गया मजबूर पिता

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पोस्टमार्टम के बाहर खड़ी टैक्सी में रखा शव, लटक रहे पैरों को रस्सी से बांधा - फोटो : LALITPUR
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ललितपुर। थाना महरौनी क्षेत्र के गांव मैनवारा में शनिवार रात को फांसी लगाने से हुई युवक देशपत (26) की मौत के बाद मजबूर पिता को अपने इकलौते बेटे का शव टैक्सी में लादकर घर ले जाना पड़ा। इस दौरान अफसरों ने भी उसकी फरियाद नहीं सुनी। रविवार को युवक के पोस्टमार्टम के बाद जिम्मेदारों ने जानकारी होने के बाद भी शव वाहन या एंबुलेंस का इंतजाम नहीं किया।
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दुर्घटना, हादसे या संदिग्ध परिस्थिति में मौत होने पर उन शवों को पोस्टमार्टम तक पहुंचाने और पोस्टमार्टम के बाद शव को उनके घरों तक पहुंचाने का जिम्मा पुलिस प्रशासन का होता है, लेकिन युवक के पोस्टमार्टम के बाद बीते रोज रविवार को शव वाहन या एंबुलेंस उपलब्ध नहीं होने पर युवक का मजबूर पिता गोविंदे अहिरवार को अपने इकलौते बेटे देशपत का शव टैक्सी से बांधकर घर ले जाना पड़ा। युवक के पैर बाहर लटके दिखे तो मजबूरन पैरों को रस्सी के सहारे टैक्सी से बांधना पड़ा।
इस दौरान यह दृश्य जिसने भी देखा वह ठिठक गया। रस्सी बांधे जाने से टैक्सी चालक को रास्ते में भी दिक्कत हुई, हालांकि परिजन किसी प्रकार देर शाम को अपने गांव पहुंच गए और शव का अंतिम संस्कार किया।
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उधर, पोस्टमार्टम के दौरान मौजूद परिजनों द्वारा सीएमओ को शव वाहन के लिए परिजनों ने फोन भी लगाया, लेकिन न तो एंबुलेंस ही भेजी गई और न ही शव वाहन। इस कारण परिजनों ने युवक के शव को टैक्सी में रखा। युवक के माता-पिता घर के पास ही एक स्कूल में चौकीदारी करते हैं। युवक ने शनिवार को फांसी लगाई थी। युवक माता-पिता के बुढ़ापे का एकमात्र सहारा था।
यह मामला संज्ञान में आया है। शव वाहन की व्यवस्था सीएमओ के अंतर्गत आती है और स्वास्थ्य विभाग के पास दो शव वाहन हैं, जिसमें एक शव वाहन खराब था, जबकि दूसरा शव वाहन झांसी गया था। पुलिस का जितना काम था, तो पूरा किया गया है।
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-निखिल पाठक, पुलिस अधीक्षक।
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