तालबेहट। किसानों की सुविधा के लिए बनी नहरें इस बार पूरा विरधा क्षेत्र के किसानों के लिए मुसीबत बन गईं हैं। रविवार की रात में उगरपुर के समीप नहर फटने से आसपास के दो दर्जन किसानों के खेतों में पानी भर गया। इससे पचास बीघा खेती को नुकसान हुआ है। इसके अलावा सड़क पर भी तीन फुट पानी भरने से लोगों को काफी मुसीबत का सामना करना पड़ा। बाद में आसपास के किसानों ने जब सिंचाई विभाग के अधिकारियों को सूचना दी तब दोपहर में नहर का पानी बंद किया गया।
राजघाट एवं शहजाद बांध से नहरें निकली हैं। पूराकलां और पूरा विरधा क्षेत्र में शहजाद बांध से जबकि तालबेहट, बिजरौठा और कड़ेसराकलां में राजघाट बांध से निकली नहरों से पानी मिलता है। पूरा विरधा क्षेत्र के किसानों को इस बार नहर फटने से काफी मुसीबतों का सामना करना पड़ा। इस क्षेत्र में नहर कई बार फटने से किसानों की फसलों को काफी नुुकसान हुआ। दो दिन पूर्व शहजाद बांध प्रखंड द्वारा नहरें खोली गई थी। रविवार की रात में नहर का पानी जब तक उगरपुर गांव पहुंचा तो पुलिया के समीप नहर का काफी हिस्सा नहर के पानी के बहाव को न झेल सका और पूरी नहर फट गई जिससे आसपास के दो दर्ज न किसानों के खेतों में तथा सड़क पर तीन तीन फुट पानी भर गया । सुबह जब लोग सड़क से गुजरे तब उन्हें इसकी जानकारी हुई। तत्काल विभागीय अधिकारियों को सूचना दी। तब दोपहर बाद नहर को बंद किया गया। नहर के फटने से आसपास के किसानों के खेतों में खड़ी फसलों में पानी एवं काफी मिट्टी भरने से फसल बर्बाद हो गई।
नहर के किनारे डेढ़ एकड़ की मेरी और इतनी ही मेरे भाई जहान सिंह की खेती है। नहर के फटने से काफी फसल बर्बाद हो गई। खेत में मिट्टी भर जाने से काफी नुकसान हुआ है। पूरन राजपूत
एक वर्ष पहले नहर फटी थी। तब मरम्मत के समय लोगों ने इसकी गुणवत्ता का मामला उठाया था लेकिन अधिकारियों ने कोई ध्यान नहीं दिया था। इसका खामियाजा किसानों को झेलना पड़ रहा है। भूपेंद्र यादव
नहर का टेल पर बार-बार फटना क्षेत्र के किसानों के लिए मुसीबत बना है। इसके अलावा नहर की साफ सफाई के नाम पर लाखों रुपये खर्च करने वालों की हकीकत सामने आ रही है। -- साहिब सिंह