ललितपुर। नाबालिग छात्रा का अपहरण कर बलात्कार करने का दोष सिद्ध होने पर अपर जिला सत्र न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक कोर्ट) हरकेश कुमार की अदालत ने आरोपी को दस वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। 22 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया गया।
सिविल लाइन निवासी एक महिला ने तीन वर्ष पूर्व थाना कोतवाली में तहरीर देकर बताया था कि उसकी पुत्री राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में कक्षा नौ में पढ़ती है। 15 अगस्त 2012 को ध्वजारोहण में कॉलेेज गई थी, उसके बाद से घर वापस नहीं लौटी। काफी खोजबीन के बाद भी उसका कोई पता नहीं चल सका। मामले की जानकारी करने पर पता चला कि सात लोगों ने कांशीराम कॉलोनी निवासी साकिर, पूराकलां निवासी पवन वेंडर, नफीसा, सोनू उर्फ बब्बा, संजय, सोनू खान और साइना ने बहकाकर गोविंद नगर निवासी कल्लू उर्फ मोहसिन के साथ भगा दिया है। तहरीर के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया और अपहृत छात्रा की तलाशी शुरू कर दी।
दो दिसंबर 2012 को उक्त छात्रा को पुलिस ने महाराष्ट्र के जिला ठाणे के थाना तारापुर अंतर्गत ग्राम मुंडवाली से बरामद कर कल्लू उर्फ मोहसिन के खिलाफ नाबालिग लड़की का अपहरण कर उसके साथ दुष्कर्म करने और वेश्यावृत्ति में धकेलने के आरोप में विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किया। विवेचना में पुलिस ने अन्य सभी सात आरोपियों के नाम साक्ष्य के अभाव में आरोप पत्र में प्रस्तुत नहीं किए। तब से यह मामला न्यायालय में विचाराधीन था।
सोमवार को अपर जिला और सत्र न्यायाधीश ने अभियोजन पक्ष की दलीलों, साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर सुनवाई करते हुए अभियुक्त कल्लू उर्फ मोहसिन को नाबालिग छात्रा का अपहरण कर उसके साथ बलात्कार के जुर्म में दोष सिद्ध पाते हुए 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। इतना ही नहीं, दोषी पर 22 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। अर्थदंड अदा न करने की स्थिति में चार माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। अर्थदंड की आधी राशि पीड़िता को दिलाने के आदेश दिए। मुकदमे की पैरवी सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता बृजेंद्र सिंह यादव ने की।