राज्यमंत्री और दारोगा की बातचीत का आडियो वायरल
ललितपुर। मड़ावरा ब्लॉक प्रमुख के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव दाखिल होने के बाद से राजनीतिक उठापटक का दौर शुरू हो गया है। इस दौरान एक क्षेत्र पंचायत सदस्य को गायब कर दिए जाने की शिकायत उसके परिजनों ने की है। पुलिस ने जैसे ही मामले में कार्रवाई शुरू की तो सत्तारूढ़ दल के नेता बेेचैन हो गए। कोई कार्रवाई न हो इसके लिए दबाव बनाने के लिए मंत्री से लेकर संगठन तक के लोगों ने जो फोन अफसरों को किए उसका आडियो वायरल हो गया है।
गौरतलब है कि मड़ावरा ब्लाक प्रमुख चंद्रदीप रावत के खिलाफ चार सितंबर को अविश्वास प्रस्ताव पेश किया गया था। इसके लिए जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह ने जांच के उपरांत 27 सितंबर को शक्ति परीक्षण करवाने की तिथि निर्धारित की है। इसके बाद से ही लगातार उठापटक की राजनीति चल रही है। इसी क्रम में बीस रोज पहले गिरार थानांतर्गत टौरी गांव से क्षेत्र पंचायत सदस्य भगुंते को घर से लिवाकर ले गए, इसके बाद परिजनों को उनका कोई अतापता नहीं चला। सदस्य के पुत्र महेंद्र सिंह ने बीते मंगलवार को जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर अपने पिता का पता लगवाने की गुहार लगाई और बीते मंगलवार को आयोजित तहसील दिवस में भी उक्त प्रकरण के संबंध में प्रार्थनापत्र सौंपा गया। इसके उपरांत सदस्य को ले जाने वालों ने एक वीडियो वायरल किया इसमें भगुंते अपनी मर्जी से गायब होने की बात कह रहा है और चंद्रदीप रावत के खिलाफ मतदान करने की बात कह रहा है। वहीं, प्रार्थनापत्रों की जांच कर रहे धौरीसागर चौकी इंचार्ज ने जब गांव में जाकर पूरे मामले की पड़ताल की तो गांव के लोगों ने भगुंते का अपहरण होने के मामले में विक्रम सिंह पर आरोप लगाया। इसकी जानकारी जब उपनिरीक्षक संजय यती ने विक्रम सिंह से लेनी चाही तो उन्होंने कहा कि इससे संबंधित एक आडियो पुलिस अधिकारियों के पास पहुंचा दिया गया है। इसके आगे कुछ भी कहने से इंकार कर दिया। विक्रम सिंह ने भाजपा पदाधिकारियों को जानकारी दी। इसके बाद सत्ताधारी दल के नेताओं केउपनिरीक्षक के पास फोन आने प्रारंभ हो गए।
प्रदेश नेतृत्व के निर्देशों का उड़ाया मजाक
भाजपा प्रदेश नेतृत्व ने पार्टी पदाधिकारियों को अविश्वास प्रस्ताव के मामले में हस्तक्षेप न करने और चुनावों से दूर रहने के निर्देश दिए हैं। लेकिन, जिले के भाजपा पदाधिकारी इन निर्देशों का खुलेआम मखौल उड़ाकर अविश्वास प्रस्तावों की पैरवी कर रहे हैं। मड़ावरा ब्लाक प्रमुख चंद्रदीप रावत के खिलाफ आए अविश्वास प्रस्ताव के मामले में भी जिले के भाजपा जिलाध्यक्ष रमेश चंद्र लोधी, राज्यमंत्री मनोहर लाल पंथ समेत तमाम पदाधिकारी खुलकर अविश्वास प्रस्ताव के समर्थन में खड़े हैं।
पार्टी को बदनाम न करने की दी नसीहत
भाजपा जिलाध्यक्ष रमेश चंद्र लोधी ने चौकी इंचार्ज को जब फोन करके विक्रम सिंह को फोन करने की जानकारी मांगी तो चौकी इंचार्ज ने उन्हें फोन पर नहीं बल्कि सामने आकर जानकारी लेने की बात कही। इतना सुनते ही जिलाध्यक्ष के तेवर बदल गए और चौकी इंचार्ज को तमीज से बात करने की नसीहत दे डाली। इसके बाद चौकी इंचार्ज ने जिलाध्यक्ष को भी पार्टी को बदनाम न करने की नसीहत देते हुए तमीज से बात करने की बात कही।
ईमानदारी से काम करने की मिली सजा
धौरीसागर चौकी इंचार्ज को अपहरण का प्रार्थनापत्र मिलने के बाद उन्होने टौरी गांव जाकर स्थानीय लोगों से जानकारी की तो वहां के लोगों ने बताया कि क्षेत्र पंचायत सदस्य भगुंते को बीस दिन पहले कुछ अज्ञात लोग उठा कर ले गए और तबसे कोई अता-पता नहीं है। उनके पिता की अंत्येष्टि में भी उनको असलहाधारी लोग लाए और दस मिनट बाद फिर वापस ले गए। इसके बाद जब चौकी इंचार्ज ने इस संबंध में ब्लाक प्रमुख के दावेदार विक्रम सिंह से जानकारी चाही तो इसके बाद उनके पास सत्ताधारी दल के नेताओं के फोन आने भी प्रारंभ हो गए। नेताओं की बात न सुनने पर चौकी इंचार्ज संजय यती को इनाम के तौर पर पुलिस विभाग ने उन्हें लाइन हाजिर कर दिया।
जानकारी होने के बाद भी हैं मौन
क्षेत्र पंचायत सदस्य के गायब होने के मामले में महरौनी विधायक और श्रम और सेवायोजन राज्यमंत्री मनोहर लाल पंथ ने चौकी इंचार्ज संजय यती को बताया कि क्षेत्र पंचायत सदस्य सुरक्षित हैं और जिले के अधिकारियों को भी प्रकरण की जानकारी होने की बात कही। वायरल हुई रिकार्डिंग में मंत्री ने बताया कि जिलाधिकारी, अपर जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक समेत सभी लोगों को क्षेत्र पंचायत सदस्य के गायब होने के कारण की जानकारी है और उन्हें भी पता है कि वह इस समय कहां है। सवाल उठता है कि जब जिले के अधिकारियों को पूरे प्रकरण की पूरी जानकारी है तो उन्होंने इस संबंध में अभी तक कोई कार्रवाई क्यों नहीं की गई। क्षेत्र पंचायत सदस्य को मुक्त करवाने के लिए कोई कदम क्यों नहीं उठाया।
तो क्या राज्यमंत्री की शह पर हुआ गायब
गिरार थाना क्षेत्र के टौरी गांव से क्षेत्र पंचायत सदस्य बीस दिनों से लापता हैं। इसके लिए उनके परिवार के लोग भटक रहे हैं और अधिकारियों के यहां गुहार लगा रहे हैं। लेकिन, वहीं राज्यमंत्री मनोहर लाल पंथ का कहना है कि क्षेत्र पंचायत सदस्य सुरक्षित हैं और अच्छी तरह से है। चिंता की कोई बात नहीं है। ब्लाक प्रमुख के चुनाव के कारण गायब किया गया है। कोई दिक्कत नहीं है, सभी क्षेत्र पंचायत सदस्यों को एकत्र करके रखा गया है, ताकि विरोधी के पक्ष में न चले जाएं। सभी लोगों को जानकारी है कि क्षेत्र पंचायत सदस्य को क्यों गायब किया गया है। मंत्री का कहना है कि पार्टी के निर्देश होने के कारण वह खुलकर सामने नहीं आ रहे है। बाकी सभी को पता है कि क्यों गायब किया गया है।
विवेचना सीओ के पास
क्षेत्र पंचायत सदस्य के गायब होने के मामले में विवेचना कर रहे उपनिरीक्षक धौरीसागर चौकी इंचार्ज संजय यती को ईमानदारी से काम करने की सजा देते हुए लाइन हाजिर कर दिया और विवेचना को सीओ महरौनी के सुपुर्द कर दिया गया है।
क्षेत्र पंचायत सदस्य के गायब होने के मामले की कोई जानकारी नहीं है। कार्यकर्ताओं के माध्यम से जानकारी मिलने पर मामले की जानकारी करने के लिए चौकी प्रभारी को फोन किया था। ब्लाक प्रमुख के चुनाव से पार्टी को कोई मतलब नहीं है। प्रदेश नेतृत्व के निर्देश पर पार्टी पदाधिकारियों को चुनावों से दूर रहने के निर्देश दिए गए हैं।
रमेश चंद्र लोधी, जिलाध्यक्ष भाजपा
मामले की जानकारी होने पर मैंने विक्रम सिंह से बात की थी। उन्होंने बताया कि क्षेत्र पंचायत सदस्य सुरक्षित है और चिंता की कोई बात नहीं है। इस कारण मैने भी चौकी इंचार्ज को जानकारी दी थी। ब्लाक प्रमुख के चुनाव से मेरा कोई मतलब नहीं है।
मनोहर लाल पंथ, श्रम और सेवायोजन राज्यमंत्री उत्तर प्रदेश शासन