गोना रेंज के जंगलों में चल रहा अवैध कारोबार
ङोगरा खुर्द। विभागीय अफसर पौधरोपण के कार्य में वर्षों पुराने पेड़ों की सुरक्षा का ध्यान भूल गए हैं। इसका अनुचित फायदा जड़ी बूटी कारोबारी उठा रहे हैं। इससे उनके बारे न्यारे हो रहे हैं। वहीं, पेड़ सूखने की कगार में पहुंच गए हैं। प्रत्येक वर्ष करोड़ों रुपये खर्च कर पौधरोपण का कार्य कराया जा रहा है। वहीं, तैयार पेड़ों पर जड़ी-बूूटी कारोबारियों ने नजरें गढ़ा ली हैं। वे पेड़ों से छाल निकलवा रहे हैं। इससे ऐसे पेड़ों के अस्तित्व पर खतरा उत्पन्न हो गया है। जो जंगल घने नजर आते थे, वहां अब धीरे-धीरे करके मैदान नजर आने लगा है। विभागीय लापरवाही के चलते बन क्षेत्र गोना अंतर्गत अमझरा हाइवे ङोगरा खुर्द पटना पारोल क्षेत्र में बेशकीमती पौधों की छाल निकालने का काम जोरों पर चल रहा है।
गौरतलब हो कि गोना वन क्षेत्र अंतर्गत अमझरा हाइवे डोगरा खुर्द पटना पारोल बीट के जंगलों में बेशकीमती जड़ी-बूटियों सहित कई प्रजातियों के पेड़ पौधे पाए जाते हैं। इनसे समय बीतते कई प्रकार की औषधी और मौसमी फल प्राप्त होते हैं। बीते कई दिनों से यहां अचार बैल कुंवा पापड़ा पेड़ों से छाल निकलने का काम चरम पर है। चूंकि यह क्षेत्र मध्यप्रदेश की सीमा से सटे होने के कारण यहां अधिकतर बाहरी लोग बन संपदा को क्षति पहुंचाने का काम समय-समय करते रहते हैं। विभागीय कर्मचारी व अधिकारी हमेशा ही जंगल की हर एक गतिविधि पर अपनी पारखी नजर रखने का दावा करते हैं। किन्तु धरातल की स्थिति कुछ और ही हालात बयां कर रही है। गौरतलब हो कि जनपद में जंगल लगातार कम हो रहे हैं। इसे देखते हुए प्रशासन ने किसी भी प्रकार के छाल संग्रहण पर पहले से ही रोक लगा रखी है और वन विभाग को सख्त हिदायत दे रखी है कि किसी भी हालत में इसकी तस्करी नहीं होनी चाहिए। आरोप है कि कहीं जंगल में विभाग की पहुंच नहीं तो कहीं वनकर्मियों की मिलीभगत से ये तस्करी का कारोबार जोरशोर के साथ चल रहा है।
गोना रेंज लगें हुए पेट्रोल पंप के सामने जंगलों में स्थानीय लोगों द्वारा वर्षों पुराने अचार बैल पापङा के पेड़ों से छाल निकालकर कमाई कर रहे हैं और वन संपदा को अपूर्णीय क्षति पहुंचा रहे हैं। कड़कड़ाती गर्मियों के मौसम में पेड़ों से छाल निकलने के बाद कई पेड़ सूखने की कगार पर हैं। क्षेत्र के लोगों ने बताया कि अधिकतर स्थानीय लोगों द्वारा ही इस काम को अंजाम दिया जा रहा है। विभाग जानकार भी अनजान बना बैठा वन के रक्षक ही भक्षक है। क्योंकि वन विभाग के कर्मचारी कईं वर्षों जमे बैठे हैं इसलिए माफिया से घरेलू सम्बन्ध हो चुके हैं इससे माफिया खुले चुनोती देते हुए पेङो का कटान व छाल निकालने का जोरो पर चल रहा है
जांच कर कार्रवाई की जाएगी
जब चार्ज संभाला है तब से यहां अपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगा है। छाल निकालने के मामले की जांच कराई जाएगी। यदि ऐसा पाया जाता है तो ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
आरके शाही, गौना रेंजर