संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। शहरी व ग्रामीण इलाकों में प्रतिबंधित क्षेत्र में संचालित हो रही शराब की दुकानों का विरोध अब तेजी पकड़ने लगा है। शहर में मंदिर व मजार के नजदीक शराब की दुकानों का संचालन हो रहा है। जिससे आम लोग खासे परेशान हैं वहीं वातावरण भी प्रदूषित हो रहा है।
सार्वजनिक व धार्मिक स्थलों के नजदीक खुली शराब की दुकानों का विरोध अब सड़क पर होने लगा है। लोग इन दुकानों को स्थानांतरित करने की मांग कर रहे हैं। नगर में कई दुकानें नियमों को ताक पर रख संचालित हो रही हैं। फिर भी जिम्मेदार पद पर बैठे लोग इसकी अनदेखी कर रहे हैं।
नगर पालिका के दुकानों में मांस व मदिरा की बिक्री नहीं हो सकती, लेकिन सुपर मार्केट में इन दुकानों का संचालन हो रहा है, जबकि चंद कदम पर ही हनुमान जी का मंदिर है। नदीपुरा में रामसेतु मंदिर है, उससे सटाकर ही देसी शराब की दुकान का संचालन हो रहा है।
वहीं, जेल चौराहे के समीप मजार है, वहां वर्षों से देसी शराब की दुकान का संचालन हो रहा है। रेलवे स्टेशन पर अंग्रेजी व देसी शराब की दुकान मंदिर के समीप है।
इन दुकानों को लेकर किया विरोध : इन दुकानों में ललितपुर तहसील अंतर्गत सेकनताल, आजादपुरा, नेहरूनगर, बिरधा, चढ़रऊ, छिल्ला, जाखलौन, दैलवारा, लागौन, रोड़ा, चौकाबाग, गल्लामंडी, तालबेहट तहसील में बार, तेरईफाटक, बरौदाडांग, भलौनीलोध, तहसील मड़ावरा में कस्बा मड़ावरा, बंहौरीमोड़, सैदपुर आदि शामिल हैं।