संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। विभिन्न वन रेंजों में जड़ी-बूटी कलेक्शन सेंटर तैयार किए जाएंगे। यहां से कंपनियां व फर्म सीधे खरीद कर सकेंगी। अभी तक वन निगम का कलेक्शन सेंटर न होने से किसानों को व्यापारियों के यहां जड़ी बूटी बेचनी पड़ती थी। हाल में तेंदू पत्ता कलेक्शन सेंटर वन निगम ने बनाए हैं, इसी तर्ज पर जड़ी बूटी कलेक्शन सेंटर बनाने की योजना तैयार की जा रही है।
जनपद में 76,158 हेक्टेयर भूभाग पर वन क्षेत्र है। इस क्षेत्र में कई दुर्लभ जड़ी-बूटियां पाई जाती हैं, जिनका दोहन वनों पर आश्रित रहने वाले किसान करते हैं। वे इन जड़ी-बूटियों को बाजार में बेचते हैं। जनपद मुख्यालय पर वन निगम का कोई खरीद केंद्र न होने के कारण व्यापारी औने-पौने दामों में खरीदते हैं। इसके बाद बाहर की कंपनियों को कई गुना महंगे दामों में बेचकर मुनाफा कमाते हैं। अब यह लाभ सीधे किसानों तक पहुंचाने के लिए कार्ययोजना तैयार की जा रही है।
इसके लिए रेंजों में कलेक्शन सेंटर बनाया जाएगा। तेंदू पत्ता कलेक्शन के लिए वन निगम ने पहले ही 13 सेंटर तैयार किए हैं, इन रेंजों पर आने वाले पत्तों की खरीद के लिए एडवांस में कंपनी निर्धारित कर दी गई है। कंपनी सीधे वन निगम के कलेक्शन सेंटरों से पत्ता उठाएगी। इसी तरह जड़ी-बूटी के लिए भी कंपनियों का पूर्व से निर्धारण किया जाएगा। प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी गौतम सिंह ने बताया कि कार्ययोजना तैयार कर वन निगम के अधिकारियों को भेज जाएगी। जंगलों पर आश्रित किसानों को इसका लाभ मिलेगा।
-
प्रमुख रूप से होती है ये जड़ी-बूटी
यहां प्रमुख रूप से जो जड़ी बूटी मिलती है, उनमें आंवला, निबोरी, महुआ, अर्जुन की छाल, गाद, अचार की चिरोंजी, भ्रंगराज, भूमि आंवला, तेशु फूल, गिलोय, गुड़मार, बेहड़ा, पुनरनावा, चित्रकफूल व नागर मोसा आदि है।