ललितपुर। लोक आस्था के महापर्व डाला छठ पर शुक्रवार की शाम सुम्मेरा घाट पर आस्थावान पहुंचे। व्रती महिलाओं और पुरुषों ने अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य दिया और सुख समृद्धि की कामना की। इस दौरान छठ मइया के गीत से सरोवर तट गुंजायमान रहा। वहीं बड़ी संख्या में व्रतियों ने कोरोना के भय को देखते हुए घर पर ही पूजन अर्चन किया।
घरों में सुबह से ही अर्घ्य देने की तैयारी शुरू हो गई। घरों में व्रती महिलाओं ने स्नान, ध्यान के बाद अर्घ्य देने के लिए सूप, दउरी तैयार की। इसमें पांच से सात प्रकार के फल, ठेकुआ, चावल से बनी मिठाई, फूल, माला, दीपक, रोली, सिंदूर, कपूर, अगरबत्ती आदि को सजाया। दोपहर बाद महिलाएं और पुरुष नए वस्त्र पहन कर पूरे परिवार के साथ नंगे पैर सरोवर तटों की ओर चल पड़े। विभिन्न इलाकों से व्रती बैंडबाजा के साथ सरोवर पर पहुंचे तो कुछ महिला व्रती घाटों पर लेट कर पहुंची। पुरुष सदस्य सिर पर फलों का दउरा लेकर चल रहे थे तो बच्चे किशोर कांधे पर गन्ना रख कर घाटों पर पहुंचे। महिलाएं, किशोरियां हाथों के कलश लेकर गीत गाते हुए घाटों पर पहुंची। नगर के सुम्मेरा तालाब पर अर्घ्य देने के लिए व्रती पहुंचीं। घाटों पर पहुंच कर व्रतियों ने फलों की टोकरी, सूप, रखे। इसके बाद घाट पर बेदी बनाकर पूजा अर्चना की और कलश स्थापित किया। सरोवर में गन्ने का मंडप बनाया और धूप, दीप, फूल माला से पूजा अर्चना की। इसके बाद जल में उतरीं और कमर भर पानी होने पर खड़े होकर भगवान भाष्कर के अस्त होने का इंतजार किया। सूर्य ने जैसे ही रूप बदल कर लालिमा बिखेरी और अंधकार का असर हुआ, वैैस ही लोगों ने जयकारे के साथ दूध, जल आदि से अर्घ्य दिया। शनिवार की सुबह उदयाचल सूर्य को अर्घ्य देकर व्रत का परायण किया जाएगा।
पहलवान गुरुदीन ग्रुप ऑफ कालेज के संस्थापक डॉ. पारसनाथ यादव, प्रबंधक सितारा देवी, प्रबंध निदेशक डा. सौरव यादव ने सभी व्रतियों को छठ महा पर्व की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं। डॉ. सौरव यादव, प्रबंधक सितारा देवी ने कहा डूबते और उगते हुए सूरज के समक्ष परिवार, समाज, देश की समृद्धि के लिए प्रार्थना की जाती है।