ललितपुर के पाली थाना क्षेत्र में एक नाबालिग किशोरी के साथ सामूहिक दुष्कर्म मामले में थानाध्यक्ष और चार अन्य आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। एसपी ने थानाध्यक्ष को निलंबित कर दिया है। एफआईआर के बाद एसओ फरार हो गया। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस दबिश दे रही है। इस मामले में षड्यंत्र की धारा में एक महिला के खिलाफ भी रिपोर्ट दर्ज की गई।
शाम को मौसी उसे थानाध्यक्ष के पास छोड़ गई
किशोरी ने पुलिस अधीक्षक को दी तहरीर में बताया कि 22 अप्रैल को चंदन, राजभान, हरिशंकर, महेंद्र चौरसिया उसे बहला-फुसलाकर भोपाल ले गए। वहां उसे तीन दिन तक स्टेशन के पास गलियों में छिपाकर रखा गया। चारों उससे लगातार दुष्कर्म करते रहे। 26 अप्रैल को चारों आरोपी उसको पाली थाने में दरोगा के पास छोड़कर भाग गए। दरोगा ने पीड़िता को मौसी को सौंप दिया। मौसी ने उसे दूसरे गांव में भेज दिया। 27 अप्रैल को फिर से उसे थाने बुलाया गया और बयान दर्ज किया गया। शाम को मौसी उसे फिर थानाध्यक्ष के पास छोड़ गई।