संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। बारिश के मौसम में लापरवाही बीमार बना सकती है। मेडिकल कॉलेज में फंगल इंफेक्शन व अन्य समस्याओं के 20 फीसदी तक मरीज बढ़ गए हैं। वहीं, मेडिसन विभाग में वायरल बुखार के मरीजों की संख्या भी बढ़ी है। चिकित्सकों का कहना है कि सावधानी और साफ-सफाई बरतते हुए बीमारियों से बचाव करें।
चर्म रोग के विभागाध्यक्ष डॉ. उत्कर्ष लाहौरिया ने बताया कि वर्तमान में ओपीडी में 400 से अधिक मरीज आ रहे हैं। सामान्य दिनों 380 तक आते थे। अब 30 फीसदी मरीज बढ़ गए हैं। मौसम में आए परिवर्तन से भी मरीजों की संख्या बढ़ी है। इनमें उमस भरी गर्मी से फंगल इंफैक्शन, घमौरियां और खुजली के अधिक मरीज आ रहे हैं। उन्होने बताया कि संक्रमण होने की स्थिति में दूसरों के कपड़े न उपयोग करने समेत अन्य बचाव व सूती और सूखे कपड़े पहनने की सलाह दी जा रही है। वहीं मेडिसिन विभाग के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. पवन सूद ने बताया कि वर्तमान वायरल के अधिक मरीज आ रहे हैं। इसके अलावा कुछ मरीज उल्टी व पेटदर्द व दस्त के मरीज भी आ रहे हैं।
बारिश के मौसम में जगह-जगह जलभराव हो जाता है जिसमें मच्छर पनपते हैं। ऐसे में मच्छरों के काटने से बीमारियों के शिकार हो सकते हैं। अधिक समय तक गीले रहने से फंगल एवं बैक्टीरियल संक्रमण होने का खतरा बना हुआ है। विशेषज्ञ चिकित्सकों का कहना है कि बारिश के मौसम में विशेष सावधानी बरतें। किसी भी प्रकार की समस्या होने पर चिकित्सक से परामर्श लें।
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इन कारण से होती हैं यह बीमारियां
डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया - मच्छरों के काटने से।
वायरल बुखार - विभिन्न वायरस के संक्रमण से।
दस्त (डायरिया), हैजा व टाइफाइड - दूषित भोजन या पानी से।
हेपेटाइटिस ए व ई (पीलिया) - दूषित भोजन एवं पानी से।
फूड पॉइजनिंग - दूषित या बासी भोजन के सेवन से।
त्वचा के फंगल एवं बैक्टीरियल संक्रमण - नमी व गंदगी के कारण।
श्वसन संक्रमण (सर्दी, खांसी, फ्लू) – वायरल संक्रमण के कारण।
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इस तरह करें बचाव
- साफ उबला/फिल्टर किया पानी ही पिएं।
- ताजे एवं स्वच्छ भोजन का सेवन करें।
- घर के आस-पास पानी जमा न होने दें।
- बुखार, दस्त, उल्टी, शरीर पर चकत्ते होने पर चिकित्सक से परामर्श लें।
- बिना चिकित्सक की सलाह के दवा का सेवन न करें।