केंद्रीय जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण मंत्री उमा भारती ने कहा कि देश में प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत 99 प्रोजेक्ट चुने गए हैं। जिन पर 77 हजार करोड़ रुपये खर्च होंगे। इससे देश भर में 70 लाख हेक्टेयर क्षेत्र सिंचित हो सकेगा। वहीं, सुप्रीम कोर्ट की टीम के निरीक्षण उपरांत केन बेतवा लिंक परियोजना आरंभ हो जाएगी। इस तरह बुंदेलखंड की तीन साल में तस्वीर बदल जाएगी।
कंपनी बाग में बुंदेलखंड जल संरक्षण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि देश के सिंचाई ढांचा को मजबूत बनाने के लिए प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना में पुराने प्रोजेक्ट लिए जा रहे हैं। नए प्रोजेक्ट में केन बेतवा लिंक परियोजना को लिया गया है। इस पर सुप्रीम कोर्ट की टीम के निरीक्षण के बाद कार्य प्रारंभ हो जाएगा। प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना में जो छोटी-छोटी सिंचाई योजनाएं नहीं आ रही हैं, उन पर अलग से कार्य किया जाएगा। इन परियोजनाओं से 50 लाख हेक्टेयर क्षेत्र की सिंचाई हो सकेगी। प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र में 14, 350 वर्ग किमी क्षेत्र में जलभूत मानचित्र तैयार करने का काम पूरा हो चुका है। इसके अंतर्गत ललितपुर, झांसी व हमीरपुर जिले शामिल हैं। इन मानचित्रों को क्षेत्र की सतत भूमि जल प्रबंधन योजना तैयार करने में किया जाएगा। इसके अतिरिक्त भूमि जल के कृत्रिम पुनर्भरण का भी मास्टर प्लान तैयार किया गया है। इसी तरह महाराष्ट्र के मराठ बाड़ा व उड़ीसा के कालाहांड़ी, बोलंगीर और कोरापुट क्षेत्र में जल संरक्षण के लिए मास्टर प्लान बनाया जा रहा है। जलाशयों की क्षमता बढ़ाई जा रही है, साथ ही तालाबों को आपस में जोड़ा जा रहा है।
गांवों के क्रमश: तालाब लिए जा रहे हैं। पहले बड़ी क्षमता उसके बाद छोटी क्षमता के तालाबों पर काम होगा। बुंदेलखंड में दो हजार हेक्टेयर क्षेत्र की क्षमता के पुनर्भरण के छह जल प्रोजेक्ट शुरू हो रहे हैं। जिन पर 70 हजार करोड़ रुपये का खर्च आएगा। केन बेतवा लिंक परियोजना व अर्जुन सहायक परियोजना को मिलाकर बुंदेलखंड का करीब चार से पांच लाख हेक्टेयर क्षेत्र का सिंचित होगा। इस मौके पर प्रदेश के जल संसाधन मंत्री धर्मपाल सिंह, श्रम सेवा राज्यमंत्री मन्नू कोरी, सदर विधायक रामरतन कुशवाहा, गरौठा विधायक जवाहर राजपूत, महोबा विधायक राकेश गोस्वामी सहित जल संसाधन मंत्रालय के अधिकारी मौजूद रहे।