ललितपुर। आईआईटी मद्रास के दलित ग्रुप को बैन करने का मामला अभी थमा नहीं था कि जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने जातिगत गतिविधियां चलाने के आरोप में एक दलित शैक्षिक ग्रुुप को नोटिस थमा दिया है।
बीते दिनों आईआईटी मद्रास ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार की आलोचना के चलते छात्रों के एक दलित ग्रुप को बैन लगा दिया था, इसके बाद कांग्रेस सहित विभिन्न राजनीतिक दलों ने इस निर्णय की आलोचना की थी। कइयों ने तो इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का हनन कहा था। यह मामला अभी ठंडा नहीं हुआ कि जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी विनोद कुमार मिश्रा ने राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ की शिकायत पर एक दलित शैक्षिक ग्रुप को नोटिस थमा दिया है। इसमें जातिगत आधार पर संगठन बनाने पर जवाब तलब किया है।
ग्रुप के पदाधिकारियों को तीन दिवस के अंदर जवाब देने को कहा है। ऐसा नहीं करने पर कार्रवाई की हिदायत दी गई है, इससे दलित शिक्षकाें में असंतोष पनप रहा है। उनका कहना है कि जिले में अनेक अमान्य संगठन संचालित हो रहे हैं। लेकिन, इनमें से किसी को नोटिस जारी नहीं किया गया है। जबकि उनका ग्रुप किसी धरना प्रदर्शन में विश्वास नहीं रखता है। केवल शिक्षकों की समस्याएं शांतिपूर्ण तरीके से रखा रहा है। इससे किसी को कोई आपत्ति नहीं होना चाहिए।
इस संबंध में एससी/एसटी बेसिक टीचर वेलफेयर एसोसिएशन के वरिष् ठ उपाध्यक्ष लाल सिंह का कहना है कि उनका संगठन शिक्षक हित में काम कर रहा है। राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ द्वारा लगाए गए आरोप बेबुनियाद हैं।
इनका कहना है
राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ को जातिगत संगठन पर ऐतराज है। इस संबंध में उनकी ओर से शिकायत की गई है। जिसके बारे में स्पष्टीकरण तलब किया गया है। अन्य संगठनों से भी उनकी मान्यता के संबंध में जानकारी हासिल की जाएगी।
- विनोद कुमार मिश्रा, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी