ललितपुर। जिले में हाईवे स्थित कई चिह्नित स्थानों पर आए दिन वाहन दुर्घटनाएं हो रही हैं, जिनमें आए दिन लोगों की जानें जा रही हैं। इन्हीं बदहाल सड़कों से हर दिन सैकड़ों वाहनों के आवागमन के दौरान हादसों का सफर तय हो रहा है। बीते रोज जहां बिरधा तिराहा पर एक तेज रफ्तार ट्रक ने सड़क किनारे खड़ी इंदौर जाने वाली सवारियों से भरी बस में ट्रक ने जोरदार टक्कर मार दी, जिससे उसमें सवार छह से अधिक सवारियां घायल हो गईं। जबकि, इससे पूर्व भी जिले में कई चिह्नित जगह हैं, जहां आए दिन सड़क हादसे होते रहते हैं और कई दुर्घटनाओं में लोगों की जाने तक चली गईं।
जिले में झांसी सागर हाइवे पर झररघाट, तालबेहट बाईपास, लखनपुरा, नदनवारा, रोंड़ा, कैलगुवां चौराहा, बड़ी नहर का कट, नेहरू महाविद्यालय के पीछे, गोविंद सागर बांध तिराहा, मसौरा बैरियर, घटवार तिराता, बिरधा, गौना तिराहा मुख्य रूप से सड़क दुर्घटनाओं के मुख्य स्पॉट हैं, जहां आए दिन बड़े सड़क हादसे होते रहे हैं। वैसे तो आए दिन इन दुर्घटना बहुल स्थान पर छोटे हादसे तो होते रहते हैं, लेकिन कई बार इन स्थानों पर बड़े सड़क हादसे देखने को मिलते हैं। बीते वर्ष जाड़ों के दिनों में घने कोहरे में नेहरू महाविद्यालय के पीछे भी एक बस दुर्घटना हुई थी, जिसमें कई सवारियां गंभीर रूप से घायल हो गई थीं। इसी प्रकार कैलगुवां चौराहे पर बीते महीने के शुरूआती दस दिनों में तीन वाहन दुर्घटनाओं में तीन लोगों की मौतें हो चुकी हैं। जबकि, बड़ी नहर के पास हाइवे पर भी ट्रक की टक्कर से एक बाइक सवार की मौत हो गई थी। इसी माह ही कोतवाली क्षेत्र के ग्राम नदनवारा में भी ट्रक की टक्कर से बाइक पर सवार दंपती और उनकी बेटी की मौत हो गई थी, जबकि इसके बाद टोल प्लाजा के आगे नदनवारा क्षेत्र में ही भारी वाहन की टक्कर से एक बाइक सवार युवक की मौत हो गई थी। जबकि, बीते पांच दिन पहले ही नदनवारा केे आगे बांसी चौकी के पास बबीना जा रहे जिला पंचायत में तैनात एक सफाई कर्मचारी की भी ट्रक की टक्कर से मौत हो गई थी। इस प्रकार इसी माह में ही हाईवे पर अलग-अलग स्थानों पर एक दर्जन से अधिक सड़क दुर्घटनाओं में दस लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें एक बालिका और एक महिला भी शामिल है।
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अधिकांश स्थानों पर नहीं हैं सुरक्षा के इंतजाम
सड़क दुर्घटनाओं की मुख्य वजह अधिकांश जगह हाईवे पर डिवाइडरों पर गलत स्थानों पर बनाए गए कट हैं, जिनसे वाहन अचानक सड़क के दूसरी ओर पहुंच जाते हैं और दूसरी ओर से आ रहे तेज वाहन नजर नहीं आते हैं। वहीं, ऐसे स्थानों पर चेतावनी संकेतक या बोर्ड भी नहीं लगे हैं, ताकि ऐसे दुर्घटना बाहुल्य स्थान पर वाहन चालक संभल कर चलें। इसके साथ ही अधिकांश वाहन दुर्घटनाओं का कारण नशा भी है, जब चार पहिया या भारी वाहन चालक शराब के नशे में तेज गति से अनियंत्रित होकर वाहन चलाना शौक मानते हैं तो जब दुर्घटना होती है, तब उन्हें संभलने का भी मौका नहीं मिल पाता।
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हाइवे पर दुर्घटना बाहुल्य ब्लैक स्पॉट को चिह्नित कराया जा रहा है। इन स्पॉट पर दुर्घटनाएं कैसे रोकी जाएं, इस पर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
-निखिल पाठक, पुलिस अधीक्षक, ललितपुर।