ललितपुर। ब्लाक प्रमुख चुनाव के लिए अभी से जोड़- तोड़ होने लगी है। सदस्यों को अपने पाले में करने के लिए संभावति दावेदार साम, दाम, दंड व भेद सभी नीतियां अपनाकर क्षेत्र पंचायत सदस्यों को अपने पक्ष में करने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि कोरोना संक्रमण के कारण चुनाव फिलहाल टाल दिए गए हैं लेकिन भविष्य की रणनीति बनाने में राजनीति के गणितज्ञ अभी से जुट गए हैं।
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव का परिणाम आने के बाद अब ब्लाक प्रमुख पद की दावेदारी के लिए खेल शुरू हो गया है। भावी दावेदारों ने सियासी उठापटक शुरू कर दी है। कुछ सदस्यों को पार्टी लेबल पर मनाने का प्रयास किया जा रहा है तो कुछ को बातचीत के जरिए। मान मनौव्वल के बाद जो मतदाता भावी उम्मीदवार के पक्ष में वोटिंग के लिए मान जा रहे हैं तो उनके प्रमाणपत्र दावेदार रख ले रहे हैं। उनकी हैसियत के हिसाब से रेट तय किए जा रहे हैं। जो सदस्य नहीं मान रहे हैं, उन्हें दूसरे तरीके से मनाने का काम भी चल रहा है। कई जगहों से सदस्यों के अपहरण की सूचनाएं आ रही हैं। मामला तूल पकड़ रहा है तो छोड़ दे रहे हैं। यहां तक कि एक मामले में तो अपहरण का मुकदमा तक लिखने को तहरीर दी गई, लेकिन आधी रात के बाद सदस्य के घर वापस आ जाने के बाद परिवार वालों के मुंह पर ताला लग गया। कुछ सदस्य भी ऐसे हैं जो कई सदस्यों को अपनी तरफ मिलाकर रखे हुए हैं, ताकि ब्लाक प्रमुख दावेदार से वोटिंग कराने के नाम पर लाखों का खेल खेल सकें।