ललितपुर। बेसिक शिक्षा विभाग के आठ शिक्षकों को चुनाव में लापरवाही बरतना महंगा पड़ गया है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने शिक्षकों को निलंबित कर दिया है।
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में स्कूलों को मतदान केंद्र बनाया गया था। इन केंद्रों पर बैठने के लिए फर्श, पीने के पानी के लिए घड़ा, बल्ब, बिजली का तार व शौचालयों को दुरुस्त कराने के निर्देश दिए थे। यही नहीं, मतदान के दिन केंद्रों पर मतदान कार्मिकों को भोजन की व्यवस्था बनाने के लिए कहा गया था। लेकिन कई शिक्षकों ने इसमें लापरवाही बरती। विभागीय अफसरों के पास इस तरह की शिकायतें संज्ञान में आई।
इस पर बीएसए रामप्रवेश ने नम्रता निरंजन इंचार्ज प्रधानाध्यापक प्राथमिक विद्यालय चढ़रऊ, संगीता दिवगैंया प्रधानाध्यापिका प्राथमिक विद्यालय बरौदिया, राकेश वर्मा सहायक अध्यापक पूर्व माध्यमिक विद्यालय टोड़ी, अनिल कुमार राहुल इंचार्ज प्रधानाध्यापक कंपोजिट ऐवनी, कादिर खान सहायक अध्यापक कंपोजिट ऐवनी, वंदना श्रीवास इंचार्ज प्रधानाध्यापिका उच्च प्राथमिक विद्यालय बंगरिया, विशाल गुप्ता सहायक अध्यापक पूर्व माध्यमिक विद्यालय दशरारा और विनीता गुप्ता प्राथमिक विद्यालय दशरारा को निलंबित कर दिया। उन्होंने निलंबित अध्यापक/ अध्यापिकाओं को आरोप पत्र जारी कर जांच रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं।
------
सोशल मीडिया पर निकाल रहे भड़ास
आठ शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई किए जाने पर शिक्षक समाज में असंतोष व्याप्त हो गया है। एक शिक्षक नेता का कहना है कि यदि व्यवस्था गड़बड़ थी तो इसके बराबर के दोषी खंड शिक्षा अधिकारी भी हैं, उनके खिलाफ भी कार्रवाई होना चाहिए लेकिन ऐसा नहीं किया गया है। एक निलंबित शिक्षक ने तो निलंबन पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं। उनका कहना है कि उस बात की सजा उन्हें दी गई है, जिससे उनका कोई दूर-दूर तक वास्ता नहीं है। ज्यादातर शिक्षक सोशल मीडिया पर अपनी भड़ास निकाल रहे हैं।
-----
एक शिक्षक नेता ने की थी शिकायत
वैसे तो शिक्षक नेता अक्सर शिक्षक हितैषी बातें कर उनके पक्ष को रखते रहते हैं, लेकिन जब एक शिक्षक नेता को मतदान केंद्र पर व्यवस्थाएं दुरुस्त नहीं मिली तो उन्होंने शिक्षक साथी की शिकायत कर दी। इस पर संबंधित शिक्षक पर कार्रवाई हो गई, जो चर्चा का विषय बन गया है।