महिला आयोग की सदस्य कंचन जायसवाल को ज्ञापन देती ग्राम प्रधान।
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ललितपुर। थाना पूराकलां क्षेत्र के ग्राम गेवरा गुंदेरा में पुराने मामले में तीन दिन पहले राजीनामा नहीं करने पर फायरिंग करने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग को लेकर ग्रामीणों के साथ अब भीम आर्मी भी सामने आ गई है। मंगलवार केे कलक्ट्रेट एवं घंटाघर पहुंचकर प्रदर्शन किया, हालांकि प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों को निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया।
थाना पूराकलां के ग्राम गेवरा गुंदेरा निवासी दीपक अहिरवार ने बीस से अधिक ग्रामीण पुरुष व महिलाओं एवं आजाद समाज पार्टी के पदाधिकारी-कार्यकर्ताओं के साथ दोपहर करीब दो बजे कलक्ट्रेट परिसर में पहुंचकर प्रदर्शन किया । उन्होंने जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन में बताया कि दीपक अहिरवार के साथ 20 अक्तूबर को लूट व मारपीट की घटना हुई थी। जिसकी कार्रवाई नहीं होने पर उसने सीओ तालबेहट कार्यालय के सामने पेड़ पर चढ़कर आत्महत्या का प्रयास किया था। जिस पर रिपोर्ट दर्ज की गई, लेकिन मुख्य आरोपी गिरफ्तार नहीं हो सका। बीते 13 नवंबर को राजीनामा नहीं करने पर फायरिंग करनेे और जान से मारने की धमकी का आरोप लगाया। आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने पर उसने परिवारजन समेत आत्मदाह की चेतावनी दी है। कलक्ट्रेट के बाद ग्रामीण देर शाम को घंटाघर पहुंच गए और आरोपियों की गिरफ्तारी को प्रदर्शन किया। जानकारी मिलने पर प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिस पर वह मान गए।
महिला आयोग पहुुंचा मामला, महिला प्रधान ने आरोपों को बताया षडयंत्र
ललितपुर। उधर, इस मामले में पूराकलां क्षेत्र के ग्राम गेवरा गुुंदेरा की नवनियुक्त ग्राम प्रधान सोनम प्रजापति ने उत्तर प्रदेश की महिला आयोग की सदस्य कंचन जायसवाल से मुलाकात करके उन्हें एक ज्ञापन देकर बताया कि उसके ग्राम प्रधान बनने के बाद से उसके राजनीतिक विरोधियों द्वारा उसके माता-पिता एवं भाई को बहकाना शुरू कर दिया गया। जिससे उसके भाई व मां उससे आए दिन रुपयों की मांग करने लगे और न देने पर मारने की धमकी देने लगे।
उसके परिवार ने न तो उसका कभी साथ दिया और न ही उसे कभी अपने साथ रखा। प्रधान बनने के बाद मात्र उसका शोषण करने लगे व रुपये ऐंठने का काम करने लगे। जब वह नहीं डरी तो उसके संरक्षक चाचा व उसके चुनाव में सहयोगी रहे अन्य लोगों पर बीते 27 अक्तूबर को फर्जी लूट व हरिजन एक्ट का मुकदमा दर्ज करा दिया। इसके बाद मां ने उसके संरक्षक चाचा पर अपहरण व बंधक बनाने का प्रार्थना पत्र दिया। जिस पर उसने सीओ के समक्ष एक शपथ पत्र दिया कि राजनीतिक द्वेष के चलते गांव के विरोधी व उसके परिवार के लोग साजिश कर रहे हैं कि उसके संरक्षक चाचा को झूठे मुकदमे में फंसवा दिया जाए। उसने महिला आयोग की सदस्य से पूरे मामले को साजिश बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। वहीं ग्राम प्रधान संगठन ने भी जिलाधिकारी से महिला ग्राम प्रधान व उनके सहयोगियों पर हो रहे उत्पीड़न के मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।