ललितपुर। शहर में मकानों के सर्वे ने रफ्तार पकड़ ली है। अब तक करीब एक दर्जन वार्डों का सर्वे हो गया है। इसमें साढ़े पांच हजार नये मकान चिह्नित किए गए हैं।
मार्च माह के अंत तक सभी वार्डों में सर्वे का कार्य पूरा हो जाएगा और नये वित्त वर्ष से मकानों पर स्वकर प्रणाली लागू हो जाएगी, जिससे गृहकर बढ़ने की उम्मीद है।
शासन ने स्वकर को लेकर सख्त रुख अपनाया है। इसकी वजह है कि ज्यादातर नगर पालिकाओं में गृहकर वसूलने में मनमानी की जा रही है। मकान बड़ा हो अथवा छोटा, लेकिन गृहकर ज्यादातर मकानों से बहुत कम लिया जा रहा है। नगर पालिका में अब तक 23,644 मकान पंजीकृत हैं, जबकि शहर का दायरा दिनोंदिन बढ़ता जा रहा है
और ऐसा कोई दिन बकाया नहीं जाता, जब कहीं न कहीं कोई नया मकान तैयार न होता हो। शासन ने इसे गंभीरता से लेते हुए स्वकर प्रणाली अपनाने के निर्देश दिए थे। इसी क्रम में प्राइवेट एजेंसी के माध्यम से शहर का सर्वे किया जा रहा है। इसमें मकान के क्षेत्रफल के हिसाब से गृहस्वामियों से गृहकर लिया जाएगा।
इसके लिए एक फार्म भी गृहस्वामियों से भरवाया जा रहा है। इसमें मकान का क्षेत्रफल, गली की चौड़ाई, मकान की बनावट आदि का पूरा ब्योरा भरा जा रहा है। इसके लिए शहर का सर्वे किया जा रहा है।
अब तक 11 वार्डों का सर्वे हो गया है। सर्वे के बाद इन वार्डों में अतिरिक्त 5,457 चिह्नित किए गए हैं। वार्ड नंबर दो गांधी नगर में 870 मकान थे, लेकिन सर्वे के बाद 1,295 मकान चिह्नित किए गए हैं। वार्ड नंबर 22 लक्ष्मीपुरा- सरदारपुरा में 535 मकान थे, सर्वे के बाद 672 हो गए हैं। वार्ड नंबर 18 गांधीनगर द्वितीय मेेें 739 मकान थे, अब वहां पर 902 मकान हो गए हैं,
वार्ड नंबर 20 आजादपुरा तृतीय में 1,057 मकान के स्थान पर 1,672 मकान, वार्ड नंबर 16 आजादपुरा द्वितीय में 688 मकान के स्थान पर 1,502 मकान, वार्ड नंबर 14 आजादपुरा प्रथम में 775 मकान के स्थान पर 1,417 मकान, वार्ड नंबर 12 सिविल लाइन में 644 मकान के स्थान पर 799 मकान, वार्ड नंबर 08 सिविल लाइन चांदमारी में 636
मकान के स्थान पर 2,552 मकान, वार्ड नंबर 13 तालाबपुरा प्रथम में 737 मकान के स्थान पर 825 मकान, वार्ड नंबर 23 तालाबपुरा द्वितीय में 822 मकान के स्थान पर 1,143 मकान और वार्ड नंबर 24 नझाई बाजार- तालाबपुरा में 705 मकान के स्थान पर 989 मकान चिह्नित किए गए हैं।
वर्तमान में नगर पालिका की गृहकर वसूली साल भर में करीब 40.05 लाख रुपये होती है, लेकिन सर्वे के दौरान नए मकान चिह्नित हो जाने से गृहकर की वसूली का दायरा बढ़ेगा। इतना ही नहीं वर्तमान में मनमाने तरीके से लगाए गए मकानों पर गृहकर का दायरा बढ़कर मकानों के क्षेत्रफल के हिसाब से लगाया जाएगा। इससे गृहकर की आय बढ़ने की उम्मीद है।
अपनी आमदनी बढ़ाएं और खर्च करें
अभी तक नगर पालिकाएं पूरी तरह से शासन पर निर्भर हैं। लेकिन, शासन से स्वकर प्रणाली लागू कर दी है। इसके पीछे शासन की मंशा है कि नगर पालिकाएं बार-बार विकास कार्यों के नाम पर शासन के सामने हाथ न फैलाएं, बल्कि स्वयं की आमदनी के स्रोत बढ़ाएं। इसी आय से पालिकाएं अपने स्तर से शहर का विकास करें। इसमें स्वकर अहम भूमिका निभा सकता है।
चांदमारी में बढ़े सबसे ज्यादा मकान
वार्ड नंबर 08 सिविल लाइन के चांदमारी क्षेत्र में सर्वे के दौरान 636 मकान के स्थान पर 2,552 मकान चिह्नित किए गए हैं। यह मकान अभी तक के वार्डों में सर्वाधिक ज्यादा मकान हैं। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि चांदमारी में काफी तेजी से मकानों का निर्माण किया जा रहा है।