महंगे दामों पर बेची जा रही बालू
ललितपुर। शासन ने अवैध खनन पर अंकुश लगाने के लिए नई नीति लागू कर दी है, लेकिन अब तक खनिज भंडारण के लाइसेंस जारी नहीं हो सके हैं और न ही विभाग का पोर्टल शुरू हो सका है। इसका खामियाजा आम लोगों को महंगे दामों पर बालू खरीदकर भुगतना पड़ रहा है। कारोबारी अपने हिसाब से दाम तय कर रहे हैं। एक ट्राली बालू पैंतीस सौ रुपये से शुरू होकर पैंतालीस सौ रुपये तक बेची जा रही है।
शासन ने नई नीति जनवरी में लागू कर दी थी। इसके लिए 10 वर्ष तक के जारी किए पुराने भंडारण लाइसेंसों को निरस्त कर दिया गया था। इसके बाद से जिले में 45 खनिज भंडार समाप्त हो गए। इनको स्टॉक निल करने के लिए एक माह का समय दिया गया, जिसे बाद में बढ़ाकर 31 मार्च तक किया गया। इसके साथ ही नई नीति में भंडारण लाइसेंस के नए नियम लागू किए गए, जिसमें भंडारण लाइसेंस की अवधि दो वर्ष तक की गई। इसके अलावा हर महीने भंडार संचालक को खरीद व बिक्री का ब्योरा प्रस्तुत करने का प्रावधान किया गया, जिसमें बालू कहां से खरीदी और कहां पर बेची गई, ठेकेदार का नाम व पता के साथ पूरा ब्योरा रखना अनिवार्य कर दिया गया।
भंडारण के स्थान पर सीसी टीवी कैमरे लगाने, आबादी और सड़क से 50 मीटर की दूरी स्टाक करने, सार्वजनिक स्थान या धार्मिक स्थल पर स्टाक नहीं करने के नियमों का पालन करने के प्रावधान किया गया। नई नीति लागू हुए लगभग तीन महीने बीतने के बाद भी अब तक नया खनिज भंडार का लाइसेंस जारी नहीं किया गया है। फुटकर विक्रेताओं के लिए पोर्टल अब तक शुरू नहीं हो पाया है। इसके बाद भी बालू व खंडा, गिट्टी बेचने का कारोबार किया जा रहा है। हालत यह है कि स्टाक नहीं होने के कारण बालू के कारोबारी मनमाने दामों पर बालू बेच रहे हैं। यहां पर लगभग 35 रुपये प्रति घन फिट से लेकर 45 रुपये प्रति घन फिट तक बालू बेची जा रही है। बालू की दरें निर्धारित नहीं हो पाने के कारण आम लोगों को अधिक पैसे देकर खामियाजा भुगतना पड़ रहा है।
यातायात हो रहा प्रभावित
शहर में अधिकांश बालू स्टाक कर बेचने का कारोबार सड़क किनारे किया जा रहा है। इससे सड़क पर आने-जाने वाले वाहनों को आवाजाही में परेशान होना पड़ रहा है। छोटे वाहन चालकों को दुर्घटनाएं होने का भय बना रहता है तो कई बार गिरकर चुटहिल हो जाते हैं। यह स्थिति शहर में जुगपुरा रोड, गोविंद सागर बांध के पास, हाइवे पर कई स्थानों पर देखने को मिलती है। अधिकांश बालू कारोबारी ट्रैक्टर सड़क पर खड़ा करके ट्राली भरते हैं, जिससे वाहनों को आवाजाही में परेशान होना पड़ रहा है। सिविल लाइन और गल्ला मंडी के आसपास भी सड़क पर इमारती पत्थर का कारोबार किया जा रहा है।
पोर्टल शुरु नहीं होने से नहीं है रिकार्ड
नई खनिज नीति लागू होने पर पुराने पंजीयन निरस्त हो गए, लेकिन इसके बाद नए पंजीयन अब तक नहीं हो सके हैं। इसके अलावा न ही खनिज विभाग का पोर्टल अब तक शुरू हो सका है। इस कारण जिले में चल रहे खनिज भंडारण का रिकार्ड विभाग के पास नहीं है। इससे मनमाने दामों पर बिक्री का कारोबार किया जा रहा है। रिकार्ड नहीं होने के कारण इन पर कार्रवाई नहीं की जा रही है।
शहर में बालू और गिट्टी के कारोबारी कई जगह अपना स्टाक किए हैं। इनकी मौके पर जाकर जांच करेंगे और दामों में नियंत्रण करेंगे।
- आरपी सिंह, जिला खान अधिकारी