जिला अस्पताल परिसर में निर्माणाधीन वनस्टाप सेंटर का निरीक्षण करते डीएम अन्नावि दिनेश कुमार
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ललितपुर। बुधवार को जिलाधिकारी द्वारा में किए गए औचक निरीक्षण में सामने आई। यहां पर एक चिकित्सक समेत नौ स्वास्थ्य कर्मी अनुपस्थित पाए गए । इसके साथ ही जिला अस्पताल में वन स्टॉप सेंटर में अनियमितताएं पाए जाने पर कार्यदायी संस्था को तलब किया है और इंजीनियर के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए।
वैश्विक बीमारी कोरोना वायरस संक्रमण से निपटने की जिम्मेदारी में स्वास्थ्य विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका है। वैक्सीन टीकाकरण से लेकर बचाव करने व उपचार भी स्वास्थ्य विभाग द्वारा ही किया जा रहा है। लेकिन, कुछ कर्मचारी अपने कार्यों को लेकर उदासीन बने हुए हैं। ऐसी ही स्थित तब उजागर हुई, जब बुधवार को जिलाधिकारी अन्नावि दिनेशकुमार ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय का निरीक्षण किया। इसमें डा. देशराजे दोहरे, दो लिपिक समेत नौ कर्मचारी अनुपस्थित मिले। यहां पर उन्होंने कार्यालय के विभिन्न कक्षों एवं पटलों का अवलोकन किया। उपस्थिति रजिस्टर भी देखा।
डीएम ने पाया कि कार्यालय के अधीन कुल 73 कर्मचारी कार्यरत हैं, इनमें से निरीक्षण के समय डा. देशराज दोहरे, वरिष्ठ सहायक जेपी सुड़ेले, कनिष्ट सहायक अनुराग शांडिल्य, फार्मासिस्ट हरिओम द्विवेदी, संतोष कुमार, बद्री नारायण, संतोष सक्सेना, चौकीदार अवधेश कुमार, अर्दली सुनील कुमार अनुपस्थित पाए गए। इस पर जिलाधिकार ने अधिकारी/कर्मचारियों को समय से कार्यालय में उपस्थित रहकर अपने दायित्वों का निर्वहन करने के निर्देश दिए। इस दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. डीके गर्ग सहित अन्य स्वास्थ्य कर्मी मौजूद रहे। वहीं, जिला चिकित्सालय के निर्माणाधीन वन स्टॉप सेंटर का निरीक्षण किया गया। यहां पर चिकित्सा अधीक्षक डा. अमित चतुर्वेदी ने बताया कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता सही प्रतीत नहीं हो रही है, इसकी जांच कराया जाना आवश्यक है। इस पर निर्माण कार्य का गहनतापूर्वक निरीक्षण किया गया, जिसमें कार्य की गुणवत्ता संतोषजनक नहीं पायी गई। मौके पर बताया कि निर्माण पैक्सपेड द्वारा किया जा रहा है। जिलाधिकारी ने नाराजगी जाहिर करते हुए अधिशाषी अभियंता पैक्सपेड को निर्देशित कर कार्य की डीपीआर समेत सायंकाल उपस्थित होना सुनिश्चित करें। इसके अतिरिक्त डिजाइन बनाने वाले इंजीनियर के खिलाफ भी कार्रवाई के निर्देश दिए।
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