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जनपद के विकास में अहम भूमिका निभाएगा नाबार्ड

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जनपद के विकास में अहम भूमिका निभाएगा नाबार्ड
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अरविंद निगम बने नाबार्ड के नए डीडीएम
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर।
जनपद के विकास में अब नाबार्ड अपनी अहम भूमिका निभाने वाला है। हाल ही में जनपद में नाबार्ड के नवीन जिला विकास प्रबंधक की तैनाती भी कर दी गई है। नाबार्ड द्वारा जनपद के विकास में हर वर्ष एक अरब से अधिक धनराशि व्यय करने का प्रस्ताव स्वीकृत हैं। नवार्ड के तहत दूध डेयरी, पशुपालन आदि के लिए सात लाख रुपये का लोन व अनुदान दिया जा रहा है। वहीं, नाबार्ड की आरआईडीएफ योजना के तहत जनपद में करीब 5 करोड़ 99 लाख रुपये की लागत से पांच सड़कों का निर्माण कराया जा रहा है, जिसके लिए हाल ही में 3 करोड़ 58 लाख रुपए स्वीकृत किए गए हैं।
नाबार्ड विगत कई वर्षों से प्रदेश सरकार को वित्तीय लोन देकर प्रदेश के सभी जनपदों के विकास कार्यों में अपनी भागीदारी निभाती चली आ रही है। इसी नाबार्ड के तहत जनपद में भी विभन्न योजनाएं संचालित की जा रही है। इन योजनाओं पर निगरानी रखने के लिए नाबार्ड की ओर से जनपद में जिला विकास प्रबंधक (डीडीएम) की तैनाती होती है। पूर्व में तैनात डीडीएम विवेक गुप्ता का स्थानांतरण मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल हो चुका है, उनके स्थान पर नाबार्ड जयपुर क्षेत्र से अरविंद निगम को जनपद का नया डीडीएम नियुक्त कर दिया है। हाल ही में उन्होंने अपना पदभार भी ग्रहण कर लिया है। उन्होंने बताया कि जनपद के विकास के लिए नाबार्ड द्वारा कई पहलकारी गतिविधियां व योजनाएं संचालित की जा रही है। क्षेत्र विकास योजना के तहत नाबार्ड द्वारा जनपद को डेयरी व पशुपालन से संतृप्त करने की योजना है। इस योजना के अंतर्गत सात लाख रुपये तक का ऋण नाबार्ड के माध्यम से उपलब्ध कराया जा रहा है, जिसमें अनुदान की व्यवस्था है। सामान्य व पिछड़े वर्ग के लाभार्थियों को 25 प्रतिशत और अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति वर्ग के लाभार्थियों को 33 प्रतिशत तक के अनुदान की व्यवस्था है। इसके साथ-साथ मिल्क वैन व चिलिंग प्लांट के लिए भी ऋण तथा अनुदान का प्राविधान है। इसी तरह आरआईडीएफ योजना के तहत सड़क, पुल-पुलिया, प्राथमिक विद्यालय, बांधों के निर्माण में नाबार्ड की अहम भूमिका है। स्वयं सेवी संस्थाओं के माध्यम से सहरिया जनजाति के उद्धार व अन्य कई महत्वाकांक्षी योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि विगत सात वर्षों में नाबार्ड के तहत जनपद के विकास में करीब 600 करोड़ रुपए व्यय किए गए हैं। अब आगामी दिनों में हर वर्ष एक अरब से डेढ़ अरब रुपए व्यय किए जाने की मंशा है।
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नाबार्ड के छह करोड़ रुपये से बनाई जा रहीं पांच सड़कें
नाबार्ड की आरआईडीएफ योजना के तहत जनपद में पांच सड़कों का निर्माण किया जा रहा है, जिसकी कुल लागत पांच करोड़ 99 लाख 22 हजार रुपये है। 52.61 लाख रुपये की लागत से करीब 1.03 किलोमीटर लंबाई के क्योलारी संपर्क मार्ग का निर्माण। 81.07 लाख रुपये की लागत से करीब 1.60 किलोमीटर लंबाई के नयाखेड़ा संपर्क मार्ग का निर्माण कार्य। 232.94 लाख रुपये की लागत से गौना जामनी बांध मार्ग किलोमीटर नौ से पटना पारौल संपर्क मार्ग किलोमीटर 6 से 2.60 किलोमीटर लंबाई के बरखेड़ा संपर्क मार्ग का निर्माण कार्य। 60.17 लाख रुपये की लागत से करीब 1.55 किलोमीटर लंबाई के बदनपुर संपर्क मार्ग का निर्माण कार्य। 172.43 लाख रुपये की लागत से करीब 4.50 किलोमीटर लंबाई के बनगुवां संपर्क मार्ग का निर्माण कार्य कराया जा रहा है। इसके सापेक्ष हाल ही में नाबार्ड से उक्त पांचों सड़कों के लिए 358.70 लाख रुपये लोक निर्माण विभाग को अवमुक्त किए गए हैं।
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