ललितपुर। मनरेगा में प्रवासी मजदूरों को काम मिलने लगा है। इस समय जिले की 415ग्राम पंचायतों में 1727 कार्य चल रहे हैं, जिनमें 6725 प्रवासी श्रमिकों को रोजगार मिला है। इस तरह बाहर से आ रहे श्रमिकों के लिए मनरेगा रोजगार का जरिया बन गई है।
जनपद में एक लाख चौदह हजार सक्रिय जॉब कार्डधारक हैं। इनमें 49,644 श्रमिकों ने मनरेगा के तहत काम मांगा है। इनमें 6725 प्रवासी श्रमिक भी शामिल हैं। विकास विभाग के जुड़े अधिकारियों ने ऐसे श्रमिकों को भी रोजगार मुहैया कराया है। मनरेगा में अभी तक 6,92,89 रुपये का भुगतान श्रमिकों को किया जा चुका है। इसके पीछे मकसद यह है कि प्रवासी श्रमिक महानगरों से काम, धंधा छोड़कर आए हैं और उन्हें ग्रामों में बेरोजगारी की मार नहीं झेलनी पड़े। इस समय जिले में दस हजार से ज्यादा श्रमिक विभिन्न राज्यों व महानगरों से लौटकर वापस अपने घरों में आए हैं। ग्राम पंचायत स्तर पर मिल रहे रोजगार से श्रमिकों के चेहरों पर मायूसी लौटने लगी है।
जिला विकास अधिकारी इंद्रमणि त्रिपाठी का कहना है कि जिले में करीब साढ़े नौ हजार के आसपास श्रमिक बाहर से आ चुके हैं और करीब तीन हजार नए जॉब कार्ड भी बनाए जा चुके हैं। कई मजदूरों के जॉब कार्डों का नवीनीकरण भी कराया गया है।