शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत आर्थिक रुप से कमजोर परिवार के बच्चों को निजी स्कूलों में प्रवेश की प्रथम चरण की प्रक्रिया पूर्ण को चुकी है। प्रथम चरण में जनपद के विभिन्न विकासखंड क्षेत्रों में कुल 61 बच्चों को अपने क्षेत्र के निजी विद्यालयों में नि:शुल्क प्रवेश दिए गए हैं। वहीं, द्वितीय चरण में प्रवेश के लिए आवेदन की प्रक्रिया जारी है, 15 अप्रैल तक ऑनलाइन आवेदन लिए जा रहे हैं।
गरीबी रेखा से जीवन यापन करने वाले परिवार के बच्चों को नि:शुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम के तहत शैक्षणिक वर्ष 2018-19 के लिए प्रवेश प्रक्रिया विगत 14 फरवरी से शुरु गई थी, जिसके लिए 15 मार्च तक ऑनलाइन आवेदन लिए गए थे। इस बीच जनपद से कुल 89 आवेदन ऑनलाइन किए गए थे। इसके बाद जब विभाग द्वारा आवेदकों का भौतिक सत्यापन कराया गया तो 12 आवेदकों के आवेदन निरस्त कर दिए गए थे और फिर 26 फरवरी को बकाया 77 पात्र आवेदकों की जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह द्वारा लाटरी निकाली गई थी, जिसमें कुल 61 बच्चों के नाम चुने गए।
इसके बाद जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अम्बरीष कुमार द्वारा उक्त सभी 61 बच्चों के अपने-अपने क्षेत्र के निजी विद्यालयों में प्रवेश के लिए विद्यालय आवंटित कर प्रवेश लेने के निर्देश जारी किए जा चुके हैं। वहीं जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने समस्त खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित कर दिए है कि प्रथम चरण में प्रवेश के लिए जिन 61 बच्चों को चुना गया है उनके अभिभावक अपने बैंक खाते की पासबुक की और संबंधित विद्यालय की बैंक पासबुक की फोटो कॉपी उपलब्ध करा दें।
द्वितीय व तृतीय चरण शेष
आरटीई के तहत दुर्लभ वर्ग के बच्चों को निजी विद्यालयों में मुफ्त प्रवेश दिलाने की प्रथम प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है और द्वितीय चरण में प्रवेश के लिए ऑनलाइन आवेदन जारी हैं, जो 15 अप्रैल तक चलेगी। इसके बाद 20 अप्रैल तक भौतिक सत्यापन कर लाटरी निकाली जाएगी और 25 अप्रैल तक द्वितीय चरण की प्रवेश प्रक्रिया पूर्ण होगी। वहीं, प्रवेश के तृतीय व अंतिम चरण केे लिए 16 अप्रैल से 10 मई तक ऑनलाइन आवेदन लिए जाएंगे, इसके बाद 13 मई तक भौतिक सत्यापन व 15 मई तक जिलाधिकारी द्वारा लाटरी निकाले जाने की प्रक्रिया पूर्ण होगी और 18 मई तक स्कूल में प्रवेश लेने होंगे।
दोबारा कर सकते हैं आवेदन
द्वितीय चरण के आवेदन की अंतिम तिथि 15 अप्रैल है, जिन बच्चों के नाम प्रथम चरण की लाटरी में नहीं आए हैं, वह भी दोबारा आवेदन कर सकते हैं।
-अम्बरीष कुमार
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, ललितपुर।