केंद्र सरकार को याद दिलाया बुंदेलखंड प्रांत का वादा
बुंदेलखंड निर्माण मोर्चा ने की प्रांत बनाने की मांग
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। बुंदेलखंड प्रांत बनाने की मांग हर बार की तरह एक बार फिर संगठनों द्वारा शुरू हो गई है। अगले वर्ष 2019 में लोकसभा चुनाव हैं और उससे पहले मध्य प्रदेश में भी विधानसभा चुनाव हैं। ऐसे में अब बुंदेलखंड की मांग करने वाले संगठन भी सक्रिय हो गए हैं। बुंदेलखंड निर्माण मोर्चा ने अब सरकार को एक बार फिर से 2014 में लोकसभा चुनाव के दौरान किए गए वादे को याद दिलाते हुए बुंदेलखंड प्रांत बनाने की मांग की है।
बुंदेलखंड निर्माण मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने एक बैठक आयोजित की, जिसमें वक्ताओं ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने अपने दो प्रांतीय कार्यकर्ता अधिवेशनों में बुंदेलखंड राज्य निर्माण के पक्ष में प्रस्ताव पारित किए, लेकिन वर्ष 2012 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में छोटे राज्यों के निर्माण का समर्थन किया था। बहुजन समाज पार्टी की राज्य सरकार ने भी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से प्रदेश के बंटवारे का प्रस्ताव पारित कराकर केंद्र सरकार के पास भेजकर पार्टी की प्रतिबद्धता दर्शाई थी। गत लोकसभा चुनाव में झांसी-ललितपुर संसदीय क्षेत्र से सांसद और केंद्रीय जल संसाधन मंत्री उमा भारती ने पृथक बुंदेलखंड राज्य निर्माण के मुद्दे को जोर शोर से उठाकर बुंदेलखंड की जनता से वादा किया था कि केंद्र में एडीए की सरकार बनने के तीन साल के भीतर बुंदेेलखंड राज्य बनवा दिया जाएगा। झांसी में हुई आम सभा में वर्तमान गृहराज्यमंत्री राजनाथ सिंह व नरेंद्र मोदी ने भी केंद्र मंत्री उमा भारती के वादे का समर्थन करते हुए भरोसा दिलाया था कि तीन वर्ष के भीतर राज्य निर्माण करा दिया जाएगा। इसी वादे के सहारे बुंदेलखंड की सभी सीटों पर भाजपा के सांसदों को जिताया था। वहीं, उत्तर प्रदेश सरकार ने सात जनपदों झांसी, ललितपुर, जालौन, हमीरपुर, बांदा, चित्रकूट और महोबा को मिलाकर बुंदेलखंड विकास निगम बनाया है। वहीं, मध्य प्रदेश सरकार ने सागर, छतरपुर, टीकमगढ़, दमोह, पन्ना और दतिया को शामिल कर बुंदेलखंड विकास प्राधिकरण बनाया है। इन्हीं 13 जनपदों को बुंदेलखंड मानकर केंद्र सरकार से आर्थिक पैकेज भी दिया था। जब केंद्र सरकार, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश सरकारों ने बुंदेलखंड के उक्त भूभाग को चिह्नित कर भौगोलिक मान्यता प्रदान कर दी है, तो विधिक मान्यता दिए जाने में देरी पर सवाल खड़े हो रहे हैं। केंद्र, उत्तर प्रदेश व मध्य प्रदेश में भाजपा की सरकार है तो ऐसे में देर क्यों हो रही है। बुंदेलखंड निर्माण मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपकर पृथक बुंदेलखंड राज्य निर्माण की मांग को शीघ्र पूरा करने की मांग की है। ज्ञापन पर राजेश कुमार साहू, हरगोविंद, मुन्नालाल, घनश्याम सिंह, सुनील शर्मा, संतोष, राजाराम, रोमी बाबा आदि के हस्ताक्षर हैं।