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जीएसटी लागू, पहले दिन पुराने दामों पर ही हुई बिक्री

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जीएसटी लागू, पहले दिन पुराने दामों पर हुई बिक्री
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ललितपुर। जीएसटी लागू होने के बाद भी पहले दिन बाजार में पुराने दामों पर ही बिक्री की गई। व्यापारियों को नई रेट सूची का इंतजार रहा, रोजमर्रा के सामानों की बिक्री सामान्य रही। लग्जरी सामान के रेट बढ़ने से कई जगह बिक्री शून्य रही। जीएसटी के बाद भी जनपद में सामान बिक्री पर बिलों की प्रथा शुरु नहीं हो सकी।
शनिवार को जीएसटी लागू होने के बाद भी आम लोगों के साथ ही व्यापारियों में भी इस कानून को लेकर असमंज की स्थिति बनी हुई है। पहले दिन हर कोई गली-मुहल्लों व मुख्य बाजारों में जीएसटी पर चर्चा करता नजर आया और जीएसटी से होने वाले लाभ और हानि को समझने का प्रयास करता रहा। व्यापारियों में भी सामान बेचने को लेकर पशोपेश की स्थिति बनी रही। जीएसटी में नए प्रावधानों के तहत रेट सूची नहीं मिलने से पहले दिन अधिकांश दुकानदारों ने रोजमर्रा के उपयोग की वस्तुएं तो पुराने ही रेट पर बेची, लेकिन लग्जरी सामानों के रेट जीएसटी के प्रतिशत के हिसाब से करीब चार से नौ फीसदी बढ़ा दिए गए, जिससे ऐसी दुकानों पर बिक्री सामान्य ही रही, जबकि बहुत सी दुुकानों पर तो बिक्री शाम तक भी शून्य ही रही। व्यापारियों की मानें तो दाम बढ़ने की अफवाह पर जीएसटी लागू होने से पहले तीन से चार दिन तक खूब बिक्री हुई और व्यापारियों ने भी खूब मुनाफा कमाया। कई व्यापारियों का तो कहना है, कि जीएसटी से पूर्व तीन से चार दिन से तीस जून तक की बिक्री दीवाली के ऑफर जैसी रही। जहां हर व्यापारी के पास जीएसटी के अनुसार पर्याप्त संसाधन भी नहीं है, वहीं जीएसटीएन के नंबर भी व्यापारियों को सर्वर की परेशानी की वजह से नहीं मिल सके हैं। टैक्स सूची उपलब्ध करा दी गई है। अधिकांश व्यापारी पुराना स्टॉक ही निकाल रहे हैं और कंपनियों से नया सामान उठाने में भी हिचक रहे हैं। फिलहाल शनिवार को अधिकांश दुकानों पर सन्नाटा ही छाया रहा। कोई यदि सामान की खरीद भी करता दिखा तो वह जरुरत की रोजमर्रा की वस्तुएं ही ले गया और जीएसटी के बाद सामानों के रेट की भी जानकारी जुटाता रहा, ताकि आगे वह नये रेट के हिसाब से सामान की खरीद पर विचार कर सके।
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व्यापार पर पड़ा है जीएसटी का प्रभाव
इलेक्ट्रॉनिक सामान पर चार से नौ प्रतिशत रेट बढ़ गए हैं, इसके चलते पिछले तीन दिन में ही करीब 150 इलेक्ट्रॉनिक सामानों की बिक्री पर करीब तीस लाख रुपए तक की बिक्री हुई है। शनिवार को जीएसटी लागू होने के बाद शाम चार बजे तक कोई भी सामान नहीं बिक सका है। जीएसटी के बारे अब भी सही प्रकार से जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई है, लेकिन फिर भी समझने का प्रयास कर रहे हैं।
मनोज जैन, मनोज इलेक्ट्रॉनिक्स।

ग्राहक खुद नहीं लेते बिल
रोजमर्रा के सामान की खरीदारी पर अधिकांश लोग अब भी बिल नहीं लेते हैं। जीएसटी के कारण लोगों के मन में कई शंकाएं हैं, जिन्हें समझने का प्रयास किया जा रहा है। जीएसटी के बाद बाजार पर खासा असर पड़ा है। फिलहाल पहले के रेट के हिसाब से ही सामान की बिक्री की जा रही है। जीएसटी में टैक्स के हिसाब से ही वस्तुओं के रेट तय किए जाएंगे और सामान की बिक्री होगी।
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मुकेश बुखारिया, जेके टावर।
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समझ रहे हैं जीएसटी की बारीकियां
जीएसटी को लागू तो कर दिया गया है, लेकिन अब भी जीएसटी के बारे में सही जानकारी नहीं है। जीएसटी लागू होने से लग्जरी सामानों के रेट टैक्स अधिक होने से बढ़ गए हैं। पहले जो टैक्स 14.5 प्रतिशत लगता था, लेकिन अब जीएसटी में लग्जरी सामानों पर टैक्स 28 प्रतिशत लगने से रेट भी बढ़ गए हैं। जीएसटी में टैक्स बढ़ने के कारण अब बढ़े रेट पर ही सामान की बिक्री की जाएगी। फिलहाल जीएसटी के पहले दिन शनिवार को शाम तक कोई भी सामान नहीं बिक सका है।
शुभम जैन, सीमा फर्नीचर्स।
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