ललितपुर। थाना जखौरा के अंतर्गत एक गांव में शौच के लिए गई किशोरी के साथ सामूहिक दुष्कर्म करने के मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (पॉक्सो) चंद्रमोहन श्रीवास्तव ने दो अभियुक्तों को दोषी पाते हुए 20-20 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। मामले में 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।
थाना जखौरा के अंतर्गत एक गांव निवासी एक व्यक्ति ने छह वर्ष पहले थाना जखौरा पुलिस को तहरीर देकर बताया था कि 11 जून 2015 को उसकी बेटी (17) उसके फुफेरे भाई के यहां उनके लड़के की शादी में गई थी। उसके साथ उसकी चाची व दादी भी गई थी। उसी दिन रात में साढ़े आठ बजे ग्राम सीरोनकलां निवासी राहुल लोधी एवं ग्राम विनैका मजरा खसुआ निवासी त्रिलोक ने उसकी बेटी, जो मकान के बाहर शौच को गई थी, उसे रास्ते में पकड़ लिया और जबरदस्ती बाइक पर बैठाकर सुनसान स्थान पर तीन किलोमीटर दूर ले गए। वहां दोनों ने उसकी बेटी के साथ दुष्कर्म किया। 12 जून को उसकी बेटी घर लौटी, लेकिन वह पत्नी के साथ शादी में बाहर गया था, जब वह लौटा तो उसकी बेटी ने अपनी मां को पूरी घटना बताई।
मामले में पिता की तहरीर पर थाना जखौरा पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करने के बाद इस मामले में दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया था। फिर पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किए गए। तब से यह मामला न्यायालय में विचाराधीन था। बुधवार को मामले में न्यायाधीश ने अभियोजन पक्ष की ओर से पेश की गई दलीलों, साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर सुनवाई करते हुए दोनों आरोपियों को सामूहिक दुष्कर्म के मामले में दोषी पाते हुए 20-20 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। दोनों पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। न्यायालय ने अर्थदंड की राशि जमा होने पर उसकी अस्सी प्रतिशत राशि पीड़िता को देने के आदेश भी दिए। इस मामले में पैरवी विशेष लोक अभियोजक शासकीय अधिवक्ता रमेश कुमार सिंह ने की।