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दो मोबाइल चोरों को मिली सजा

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court desition - फोटो : demo
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दो मोबाइल चोरों को 15-15 महीने की सजा
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मुखबिर की सूचना पर पकड़े गए थे दोनों
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। जिला एवं सत्र न्यायाधीश मदनलाल निगम की अदालत ने ट्रेनों में मोबाइल चोरी का अपराध सिद्ध होने पर मध्य प्रदेश के डबरा व विदिशा के दो शातिर चोरों को 15-15 महीने का कारावास एवं तीन-तीन हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
जीआरपी उपनिरीक्षक शफक्कत हुसैन ने एक वर्ष पूर्व थाने में दी तहरीर में बताया था कि छह अगस्त 2018 को वह हमराह सिपाहियों के साथ रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर दो / तीन पर पुराने फुुटओवर ब्रिज के पास पहुंचे तो मुखबिर ने सूचना दी कि कुछ संदिग्ध व्यक्ति प्लेटफार्म पर बीना की ओर शौचालय के पास बैठे हैं और उनके पास चोरी का सामान है, जिसे वह बेचने की फिराक में हैं। वह सिपाहियों के साथ उक्त स्थान पर गए और मुखबिर के इशारे पर पहुंचे तो वह पुलिस को देखकर भागने का प्रयास करने लगे, जिस पर उन्हें घेराबंदी कर पकड़ लिया और पूछताछ की।
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एक ने अपना नाम मध्य प्रदेश के जिला ग्वालियर के डबरा निवासी सतीश वाल्मीकि और दूसरे ने अपना नाम डबरा का रवि जाटव एवं तीसरे ने अपना नाम जिला विदिशा के लकपुर के कुम्हारगली निवासी अमन वाल्मीकि बताया। तलाशी लेने पर सतीश की जेब से दो मोबाइल फोन व 180 रुपये बरामद किए गए। रवि जाटव के पास से 160 रुपये, बैग व मोबाइल फोन बरामद किए थे। अमन के पास से तीन मोबाइल फोन व 150 रुपये बरामद किए गए। पूछताछ में उन्होंने बताया कि वह ट्रेनों से मोबाइल फोन चुराते हैं।
सतीश ने बताया कि उसने दक्षिण एक्सप्रेस से मोबाइल फोन चोरी किए थे, रवि जाटव ने बताया कि उसने चार माह पूर्व भोपाल जाने वाली ट्रेन में चोरी की थी। यात्री के एक बैग में लेपटॉप व मोबाइल था, जो उसने चोरी किया था। अमन ने बताया कि तीन वर्ष पूर्व देवगढ़ रोड नेहरूनगर में उसने मोबाइल एक मकान के कमरे से चोरी किया था। दूसरा मोबाइल नई बस्ती से उस समय चोरी किया था, जब वह चार्जिंग पर लगा था।
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पुलिस ने उपनिरीक्षक की तहरीर के आधार पर तीनों अभियुक्तों के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किए थे, तब से यह मामला न्यायालय में विचाराधीन था। अभियोजन पक्ष की ओर से पेश की गई दलीलों, साक्ष्यों व गवाहों के बयानों के आधार पर सुनवाई करते हुए एवं अभियुक्तों सतीश व अमन वाल्मीकि द्वारा जुर्म कबूल करने पर न्यायाधीश ने दोनों अभियुक्तों को चोरी के उक्त मामले में दोषी पाते हुए पंद्रह-पंद्रह महीने के कठोर कारावास एवं तीन-तीन हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। तीसरे आरोपी का मामला न्यायालय में विचाराधीन चल रहा है। इस मामले में पैरवी जिला शासकीय अधिवक्ता राजेश दुबे ने की।
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